
ईरान-अमेरिका तनाव फिर चरम पर
IRAN-US WAR: ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच तनाव एक बार फिर बेहद गंभीर स्तर पर पहुंच गया है। 1 अक्टूबर की रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने दोबारा सैन्य कार्रवाई की तो उसकी जवाबी कार्रवाई पहले से अधिक व्यापक हो सकती है। तेहरान अपने क्षेत्रीय सहयोगियों को भी संभावित प्रतिक्रिया के लिए तैयार कर रहा है।
दूसरी ओर, अमेरिका ने मध्य-पूर्व में अपनी सैन्य मौजूदगी बढ़ाई है। अमेरिकी नौसैनिक और मरीन बलों की अतिरिक्त तैनाती की खबरों के बीच सऊदी अरब और कतर में महत्वपूर्ण ऊर्जा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पैट्रियट मिसाइल प्रणालियां भी भेजी गई हैं।
तनाव का एक बड़ा केंद्र हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य बना हुआ है। इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर सुरक्षा जोखिम बढ़ने से वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति पर भी असर पड़ने की आशंका बनी हुई है। हालिया घटनाक्रम के बीच तेल बाजार में भी तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला है।
हालांकि, सैन्य तनाव के साथ-साथ बातचीत के रास्ते भी पूरी तरह बंद नहीं हुए हैं। ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थों के जरिए संपर्क जारी है, लेकिन दोनों पक्षों की मांगों और शर्तों में बड़ा अंतर बना हुआ है।
ऐसे में आने वाले दिनों में कूटनीतिक प्रयास सफल होते हैं या तनाव और बढ़ता है, इस पर पूरी दुनिया की नजर है। खासकर हॉर्मुज़ में किसी नई सैन्य घटना से क्षेत्रीय संघर्ष और वैश्विक ऊर्जा बाजार पर असर बढ़ सकता है