
OTS योजना को मिला व्यापक जनसमर्थन, एक लाख से अधिक आवेदन प्राप्त
HIGHLIGHTS
65,457 आवेदन स्वीकृत, ₹40.85 करोड़ की वसूली के साथ करदाताओं को ₹67.33 करोड़ की राहत*
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में नगरीय निकायों के वित्तीय सुदृढ़ीकरण और करदाताओं को राहत देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल*
लखनऊ, 03 अक्टूबर 2026: मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने तथा करदाताओं को पुराने बकायों के निस्तारण में राहत देने के उद्देश्य से संचालित एकमुश्त समाधान योजना (OTS) को प्रदेश में व्यापक जनसमर्थन मिल रहा है। प्रदेश के सभी 762 नगरीय निकायों में संचालित इस योजना के अंतर्गत अब तक 1,00,006 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं। इनमें से 65,457 आवेदन स्वीकृत किए जा चुके हैं, जबकि 32,737 आवेदन प्रक्रिया में हैं।
प्रदेश के 17 नगर निगम, 200 नगर पालिका परिषद और 545 नगर पंचायतों में संचालित OTS योजना के माध्यम से पात्र करदाताओं को लंबित गृहकर, जलकर एवं सीवरकर के बकायों के निस्तारण में राहत प्रदान की जा रही है। योजना के अंतर्गत अब तक ₹176.61 करोड़ की मांग के सापेक्ष ₹40.85 करोड़ की वसूली की जा चुकी है। वहीं, पात्र लाभार्थियों को ₹67.33 करोड़ की राहत प्रदान की गई है। योजना से अब तक 65,457 लाभार्थियों को प्रत्यक्ष लाभ मिला है।
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने कहा कि मा. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार नगरीय निकायों को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के साथ नागरिकों को बेहतर नगरीय सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रही है। OTS योजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से करदाताओं को पुराने बकायों के निस्तारण का सरल और राहतपूर्ण अवसर मिल रहा है, वहीं नगरीय निकायों को लंबित राजस्व की प्रभावी एवं समयबद्ध वसूली में सहायता मिल रही है। उन्होंने पात्र करदाताओं से अपील की कि वे योजना की निर्धारित अवधि में इसका अधिक से अधिक लाभ उठाएं, जिससे उनके पुराने बकायों का निस्तारण हो सके और नगरीय निकायों की वित्तीय क्षमता भी और मजबूत हो।
OTS योजना के तहत प्राप्त आवेदनों में आवासीय संपत्तियों की भागीदारी सर्वाधिक है। अब तक प्राप्त आवेदनों में 80,465 आवेदन यानी करीब 80.5 प्रतिशत आवासीय संपत्तियों, 11,158 यानी 11.2 प्रतिशत व्यावसायिक संपत्तियों तथा 8,382 यानी 8.4 प्रतिशत अन्य श्रेणी की संपत्तियों से संबंधित हैं। पात्र लाभार्थियों को अब तक प्रदान की गई राहत के आधार पर प्रति लाभार्थी औसतन लगभग ₹10,286.63 की राहत मिली है।
करदाताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए योजना के अंतर्गत बकाया राशि के भुगतान के लिए अधिकतम तीन किस्तों में भुगतान की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। इससे ऐसे करदाताओं को अपने पुराने बकायों के निस्तारण का व्यावहारिक अवसर मिल रहा है, जो एकमुश्त भुगतान करने में कठिनाई महसूस करते हैं। योजना 15 अगस्त 2026 से संचालित है तथा 15 दिसंबर 2026 तक इसका लाभ लिया जा सकता है।
अधिक से अधिक पात्र करदाताओं को योजना से जोड़ने के लिए नगर विकास विभाग द्वारा विभिन्न नगरीय निकायों में विशेष शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों में नागरिकों को योजना की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया और उपलब्ध राहत की जानकारी देने के साथ ही आवेदन एवं निस्तारण की प्रक्रिया में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जा रहा है। विभाग द्वारा पूरी प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी एवं समयबद्ध बनाए रखने पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
नगर विकास विभाग ने प्रदेश के पात्र करदाताओं से अपील की है कि वे OTS योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाते हुए अपने लंबित गृहकर, जलकर एवं सीवरकर के देयकों का नियमानुसार निस्तारण कराएं। योजना से जहां नागरिकों को पुराने कर बकायों के निस्तारण में राहत मिल रही है, वहीं नगरीय निकायों के राजस्व आधार को मजबूत करने और उन्हें वित्तीय रूप से अधिक सक्षम एवं आत्मनिर्भर बनाने में भी सहायता मिल रही है।OTS योजना की अधिक जानकारी एवं आवेदन के लिए विभागीय पोर्टल upulbots.in का उपयोग किया जा सकता है।