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KGMU की STF रिपोर्ट पर बड़ा फैसला, कार्य परिषद ने अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के गठन को दी मंजूरी

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KGMU की STF रिपोर्ट पर बड़ा फैसला, कार्य परिषद ने अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति के गठन को दी मंजूरी

HIGHLIGHTS

STF रिपोर्ट की जांच के लिए KGMU बनाएगा अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति, कार्य परिषद का सर्वसम्मत निर्णय

लखनऊ, 7 नवंबर 2026:  किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) की कार्य परिषद ने 6 नवंबर 2026 को आयोजित विशेष बैठक में STF की रिपोर्ट पर विचार-विमर्श के बाद अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति (Disciplinary Action Committee) गठित करने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया।

बैठक में कुलपति की अध्यक्षता में STF की पूरी रिपोर्ट प्रस्तुत की गई और उसका विस्तार से वाचन किया गया। इस दौरान विश्वविद्यालय के कुछ शिक्षकों एवं कर्मचारियों की ओर से प्रस्तुत प्रत्यावेदनों को भी कार्य परिषद के समक्ष पढ़कर सुनाया गया। इनमें STF की टिप्पणियों में नाम गलत या अनुचित रूप से शामिल किए जाने संबंधी आपत्तियां भी उठाई गईं।

कार्य परिषद ने निर्णय लिया कि इन प्रत्यावेदनों को संबंधित विभागीय समितियों के समक्ष प्रस्तुत कर तथ्यों और आपत्तियों पर नियमानुसार विचार किया जाएगा।

KGMU एक्ट एवं विश्वविद्यालय की परिनियमावली के प्रावधानों के तहत गठित होने वाली अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति में कुलपति और कुलसचिव के अतिरिक्त चार सदस्य होंगे। इनमें दो सदस्य विश्वविद्यालय के वर्तमान वरिष्ठ शिक्षकों में से संबंधित श्रेणियों के अनुसार नामित किए जाएंगे, जबकि दो स्वतंत्र सदस्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों में से होंगे। इनमें वरिष्ठ पदों से सेवानिवृत्त भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारियों को प्राथमिकता दी जाएगी।

समिति STF की पूरी रिपोर्ट, संबंधित तथ्यों और अभिलेखों का विस्तृत परीक्षण करेगी। साथ ही सभी संबंधित शिक्षकों एवं व्यक्तियों का पक्ष सुनने के बाद विश्वविद्यालय की परिनियमावली और लागू नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करेगी।

कार्य परिषद ने मीडिया में प्रकाशित उन खबरों का भी खंडन करने का निर्णय लिया, जिन्हें विश्वविद्यालय प्रशासन ने STF की टिप्पणियों के विपरीत बताया है। प्रशासन ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले शिक्षकों को दोषी प्रचारित करना उचित नहीं है।

विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह निर्णय निष्पक्ष, पारदर्शी और नियमानुसार प्रक्रिया सुनिश्चित करने की दिशा में उठाया गया कदम है। समिति द्वारा तथ्यों एवं अभिलेखों की जांच पूरी होने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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