
अमेठी : जिलाधिकारी अरुण कुमार ने सोमवार को विकासखंड संग्रामपुर का औचक निरीक्षण कर कर्मचारियों की उपस्थिति, प्रधानमंत्री/मुख्यमंत्री आवास, सामुदायिक शौचालय, पंचायत भवन, मनरेगा सहित अन्य कार्यों की प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान उन्होंने संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों को आवश्यक निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने सबसे पहले उपस्थिति रजिस्टर का निरीक्षण किया, जिसमें बिना किसी कारण एपीओ दिनेश प्रताप सिंह के अनुपस्थित रहने पर जिलाधिकारी ने उनकी संविदा सेवा समाप्त करने के निर्देश खंड विकास अधिकारी को दिए। इसके साथ ही शासकीय कार्यों में लापरवाही करने पर ग्राम पंचायत अधिकारी योगेश चंद्र श्रीवास्तव को निलंबित करने के निर्देश दिए।
सामुदायिक शौचालय एवं पंचायत भवनों की कार्य प्रगति की समीक्षा के दौरान खंड विकास अधिकारी ने बताया कि विकासखंड संग्रामपुर अंतर्गत 37 सामुदायिक शौचालय, 13 पंचायत भवन का निर्माण कराया जाना है। जिसमें 36 सामुदायिक शौचालयों का काम शुरू हो गया है। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि साल 2019-20 में 510 प्रधानमंत्री आवास का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसमें से अभी 11 निर्माणाधीन हैं। साल 2020-21 में 358 आवासों का लक्ष्य दिया गया है जिसमें से 211 की जियो टैगिंग व 89 की स्वीकृति हो गई है। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूहों के गठन के संबंध में जानकारी ली। जिस पर बीडीओ ने बताया कि 50 समूहों का लक्ष्य निर्धारित है जिसमें से अभी तक 24 समूहों का गठन करते हुए 12 समूहों के खाते खोले गए हैं। उन्होंने बताया कि विकासखंड अंतर्गत 3428 हैंडपंप लगे हैं जिसमें से वर्तमान में 508 खराब हैं।
जिलाधिकारी ने ब्लॉक में तैनात कर्मचारियों की सर्विस बुक, जीपीएफ/एनपीएस पासबुक का निरीक्षण किया जो अपडेट नहीं पाई गई। जिस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जाहिर करते हुए वरिष्ठ सहायक अनिल तिवारी को चेतावनी देने के निर्देश दिए। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने मनरेगा द्वारा कराए गए कार्यों की जानकारी ली एवं करौंदी गांव में मनरेगा द्वारा कराए गए कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया।