
बछरावां रायबरेली : केंद्र व प्रदेश सरकार की मंशा किसानों की आय दोगुनी करने को उनके ही जिम्मेदार खरीद केंद्र प्रभारियों के मनमाने रवैया से तंग आकर मजबूरी में नगर व क्षेत्र के किसान अपना धान बिचौलियों और मिलरों के हाथों 10 से 12 रुपए किलो में बेचने को मजबूर हैं। जबकि सरकार द्वारा समर्थन मूल्य अट्ठारह सौ पचासी रुपए प्रति कुंटल है।वहीं दूसरी तरफ बछरावां विकासखंड के तिलेंडा में खाद्य एवं रसद विभाग का सेंटर,कसरावां गांव में समिति का सेंटर,नीम टीकर में समित का सेंटर,बन्नावा में और कलुईखेड़ा में सेंटर खुले हुए हैं।नगर व क्षेत्र के किसान इन सेंटरों पर अपना धान बेचने के लिए गणेश परिक्रमा कर रहे हैं।आलम तो यह है खाद्य एवं रसद विभाग के सेंटर प्रभारी रश्मि वर्मा की तानाशाही रवैया से आजिज आकर बछरावां नगर के किसान एडवोकेट विजय चौधरी नगर पंचायत अध्यक्ष शिवेंद्र सिंह उर्फ राम जी और कन्नवा के किसान मुकेश कुमार मिश्रा परेशान होकर टोल फ्री नंबर पर शिकायत किया।लेकिन अधिकारियों की खाऊ कमाऊ नीति के कारण कोई कार्यवाही नहीं की गई।
वहीं दूसरी तरफ केंद्र प्रभारी रश्मि वर्मा ने शिकायत पर अपने फोन नंबर से किसी पप्पू नाम के आदमी से केंद्र प्रभारी द्वारा कहा जा रहा था की इनको समझाओ ना माने तो दूसरा तरीका भी अपना लो।वही आलम तो यह है केंद्र प्रभारी धान बेचने के लिए जो भी किसान सेंटर पर जाते हैं उनसे बदसलूकी भरी बातें करती हैं।और टोकन के नाम पर नवंबर के आखिरी सप्ताह और दिसंबर जनवरी के खरीद के लिए टोकन देती हैं।वही बीते 15 अक्टूबर से खरीद चालू हुई लेकिन नवंबर माह के प्रथम सप्ताह तक खरीद ही नहीं हुई थी। संवाददाता ने 4 दिन पूर्व केंद्र प्रभारी रश्मि वर्मा से खरीद के बारे में जानकारी ली गई थी तो बताया था कि अभी मात्र 25 कुंटल की खरीद हो पाई है।
लेकिन 11 नवंबर को संवाददाता ने जब खरीद के बारे में जानकारी ली तो बताया कि 40 किसानों का 3 हजार कुंटल धान खरीदा जा चुका है।जब केंद्र प्रभारी से 4 दिन में 3 हजार कुंटल खरीद पर किसानों के नाम पत्र की जानकारी संवाददाता ने मांगी तो केंद्र प्रभारी ने बताया कि यह सरकारी अभिलेख हैं यह किसी को बताए नहीं जा सकते हैं अगर आपको जानकारी लेना है तो जिला अधिकारी से लो।इस तरह के गड़बड़ झाले के बीच किसानों से खरीद ना करके बिचौलियों और मिलरो द्वारा डंके की चोट पर खरीद जारी है।कमीशन खोरी का खुला खेल केंद्र प्रभारी द्वारा डंके की चोट पर किया जा रहा है। वही खरीद केंद्र प्रभारी की खरीद की जादूगरी से लोग आश्चर्यचकित है।वही बिचौलियों और मिलरों के गठजोड़ के काकश के आगे किसान बेबस है। लेकिन जिले के आला अधिकारी इसका काकस खत्म करने में बेबस नजर आ रहे हैं। और खरीद प्रभारियों पर कोई कार्रवाई नहीं होने से किसानों में जबरदस्त आक्रोश है