diwali horizontal

मिशन शक्ति के अंतर्गत माह जनवरी – फरवरी, 2021 के लिए  गतिविधियां की गई निर्धारित

0 163
कार्ययोजना को  समयानुसार सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने हेतु सभी जिला प्रोबेशन अधिकारी और जिला कार्यक्रम अधिकारी  को  निर्देशित किया गया
महिला कल्याण विभाग द्वारा ‘‘मिशन शक्ति‘‘ के अंर्तगत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के साथ संयुक्त कार्ययोजना में प्रतिभाग किया जा रहा है
‘मिशन शक्ति‘‘ के मुख्य उद्देश्यों के दृष्टिगत माह जनवरी-फरवरी 2021 में  महिलाओं तथा बच्चों के सम्मान तथा उन्हें स्वावलंबी बनाने हेतु  गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है
लखनऊ  : निदेशक, महिला कल्याण  मनोज कुमार राय ने बताया कि मिशन शक्ति के अंतर्गत माह जनवरी – फरवरी, 2021 में जनपद. ब्लॉक एवं ग्राम स्तर पर की जाने वाली गतिविधियां की कार्ययोजना निर्धारित कर दी गयी है। कार्ययोजना को  समयानुसार सफलतापूर्वक सम्पन्न कराने के लिए सभी जिला प्रोबेशन अधिकारी महिला कल्याण और जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास पुष्टाहार विभाग को  निर्देशित भी किया गया है। उन्होंने बताया कि महिला कल्याण विभाग द्वारा ‘‘मिशन शक्ति‘‘ के अंर्तगत बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के साथ संयुक्त कार्ययोजना में प्रतिभाग किया जा रहा है। इसी क्रम में विभाग द्वारा माह जनवरी 2021 में ‘‘मिशन शक्ति‘‘ के दृष्टिगत  कार्ययोजना के अंर्तगत  गतिविधियों का संचालन किया जा रहा है।
 राय ने बताया कि ‘‘जनवरी-फरवरी माह हेतु मिशन थीम‘‘-‘‘मिशन शक्ति‘‘ के मुख्य उद्देश्यों के दृष्टिगत माह जनवरी-फरवरी 2021 में महिला कल्याण तथा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग द्वारा महिलाओं तथा बच्चों के सम्मान तथा उन्हें स्वावलंबी बनाने हेतु  गतिविधियों का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में मुख्य रूप से  महिलाआेंं तथा बच्चों से संबंधित कानून – बाल विवाह प्रतिषेद्ध अधिनियम, पी0सी0पी0एन0डी0टी0 अधिनियम, कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न अधिनियम, दहेज प्रतिषेद्य अधिनियम तथा घरेलू हिंसा अधिनियम पर जन सामान्य को जागरूक करने के  कार्यों पर केन्द्रित होकर मिशन का संचालन किया जा रहा है।
राय ने बताया कि इसके अतिरिक्त कानूनों के दायरे में आने वाले किशोर-किशोरियों तथा महिलाओं को आवश्यकतानुसार विधिक व परामर्श सेवायें प्रदान की जायेंगी, तथा  प्रदेश में महिला एवं बाल विकास विभाग के अर्तगत संचालित गृहों में आवासित 18 से 35 आयु वर्ग के न्यूनतम 100 (प्रति जनपद) किशोर-किशोरियों (मुख्य रूप से पाश्चातवर्ती देखरेख में शामिल) तथा महिलाओं सहित समुदाय से अन्य किशोर-किशोरियों तथा महिलाओं को स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से उन्हें उनकी रूचि, शिक्षा/कौशल व अनुभव के अनुसार प्रदेश/देश के विभिन्न उद्यमों/उपक्रमों आदि में जॉब प्लेसमेन्ट कराये जायेंगे/रोज़गार से जोड़ा जायेगा। साथ ही साथ प्रति जनपद न्यूनतम 100 किशोर-किशोरियों तथा महिलाओं को चिन्हित कर रोज़गार परक प्रशिक्षणों से ज़ोड़ा जाएगा। जेन्डर चैंपियन्स् तथा मेधावी छात्राओं का सम्मान भी किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसके साथ-साथ पुलिस विभाग द्वारा भिक्षावृति में शामिल बच्चों के रेस्क्यू तथा पुर्नवास हेतु शुरू किये गये विशेष अभियान में आवश्यक सहयोग प्रदान करते हुये बच्चों व परिवारों को विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी योजनाओं से जोड़ा जायेगा।
Leave A Reply

Your email address will not be published.