
फतेहपुर : कस्बे के जैन सन्मति भवन में भावलिंगी सन्त श्रमणाचार्य विमर्श सागर गुरुदेव के सानिध्य में चल रहे आठ दिवसीय आनन्द महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को आचार्य श्री ने भक्तों को अपने आराध्य की विनय, वंदना, पूजा करने का ज्ञान कराया।उन्होंने कहा कि भगवान की पूजा भी बड़े भाव पूर्वक करनी चाहिए।आप के पास यदि समय का अभाव है।तो आप कम समय मे भी ईश्वर की आराधना ज्ञान से कर सकते है। जरूरी नही की अधिक समय ही भगवान का भजन करें।
आप कम समय मे भी गुरु द्वारा बताए अनुसार भी पूजा भजन कर सकते है।भक्तों ने संगीत की भक्तमई धुनों पर भावनृत्य करते हुए पूजा आरती की।शाम को मंदिर से आनन्द यात्रा निकाली गई।बघ्घीओ व डीजे के साथ निकली यात्रा में भक्तों ने नृत्य किया।गुरुदेव के जयकारों से पूरा वातावरण गुंजायमान हो गया।यात्रा सन्मति भवन पहुची जहाँ श्री जी की आरती व गुरुवंदना की गई।काफी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।