
पं0 गोविन्द बल्लभ पंत की जयन्ती पर पुष्पांजलि अर्पित पंत ने विषमता को मिटाने के सार्थक प्रयास किये जिलाधिकारी
सहारनपुर : जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने कहा कि भारत रत्न महान स्वतंत्रता सेनानी कुशल प्रशासक सफल वक्ता तर्क के धनी उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री पं0 गोविंद बल्लभ पंत ने प्रबुद्ध वर्ग के प्रबल मार्गदर्शक रहें। उन्होंने तमाम मंचों से मानवतावादी निष्कर्षों को प्रसारित किया। राष्ट्रीय चेतना के प्रबल समर्थक पंत ने गरीबों की पीड़ा बांटी और आर्थिक विषमता मिटाने के लिए सार्थक प्रयास किए। उन्होंने कहा कि पंत ने भाषाई आधार पर राज्यों का पुनर्गठन कर हिन्दी को राष्ट्र भाषा का दर्जा दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की थी।
जिलाधिकारी अखिलेश सिंह ने आज यहां कलेक्ट्रेट सभागार में पं0 गोविन्द बल्लभ पंत की जयन्ती के अवसर पर उनके चित्र पर माल्यार्पण पुष्पांजलि अर्पित समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पं0 गोविंद बल्लभ पंत ने देश को नई दिशा देने के साथ ही कुली बेगार प्रथा, कृषि सुधारों तथा जमींदारी उन्मूलन के लिए निर्णायक संघर्ष कर समाज में व्याप्त बुराईयों को दूर करने में अपनी अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कहा कि पं0 गोविंद बल्लभ पंत जी वर्ष 1937 में संयुक्त प्रांत के प्रथम प्रधानमंत्री बने और 1946 में उत्तर प्रदेश के पहले मुख्यमंत्री बने।जिलाधिकारी ने कहा कि पं0 गोविन्द बल्लभ पंत ने उत्तर प्रदेश को एक ऐसा नेतृत्व देने की दिशा में कार्य किया जो सद्भाव और संतुलन पर चलें।
उन्होंने केन्द्रीय गृहमंत्री के रूप्ए में हिंदी को राजभाषा के रूप में प्रतिष्ठित कराने तथा उत्तर प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री एवं देश के गृहमंत्री रहते हुए आधुनिक भारत के निर्माण में भी उनकी महती भूमिका रही। उनका संघर्षशील एवं प्रेरणादायी नेतृत्व देशवासियों के लिए सदा प्रेरणा का स्रोत रहेगा। सन 1957 में गणतन्त्र दिवस पर महान देशभक्त, कुशल प्रशासक, सफल वक्ता, तर्क के धनी एवं उदारमना पन्त जी को भारत की सर्वोच्च उपाधि भारतरत्न से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अपर जिलाधिकारी प्रशासन डा0 अर्चना द्विवेदी, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व रजनीश मिश्रा, नगर मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी, डिप्टी कलेक्टर एस.एन.शर्मा सहित कलेक्ट्रेट कर्मी उपस्थित रहें।