
उत्तर प्रदेश : के राज्य विश्वविद्यालयों व संबद्ध महाविद्यालयों में इस बार छमाही परीक्षा कराई जाएगी। उच्च शिक्षा विभाग ने बीते दो शैक्षिक सत्र में कोरोना संक्रमण के कारण परीक्षा में हुई अव्यवस्था के चलते यह निर्णय किया है। इससे कोरोना के चलते पठन-पाठन प्रभावित होने पर विद्यार्थियों का अगली कक्षा में प्रोन्नति आसानी और समय पर हो सके। विभाग की अपर मुख्य सचिव मोनिका एस गर्ग ने 2021-22 का शैक्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है।
उच्च शिक्षा विभाग ने भविष्य में ऐसी परिस्थितियों के मद्देनजर वार्षिक पाठ्यक्रमों में भी तिमाही व छमाही परीक्षा अनिवार्य कर दी गई है। शासन ने सत्र नियमित करने के लिए शीतकालीन अवकाश को भी निरस्त करने की सुविधा दी है। साथ ही 15 15 दिन का ग्रीष्मकालीन अवकाश देते हुए शिक्षकों को दो चरणों में बुलाने का विकल्प भी दिया गया है। प्रसूति अवकाश को छोड़कर बहुत जरूरी होने पर ही शिक्षकों और कर्मचारियों को लंबी छुट्टी दी जाएगी। विवि और महाविद्यालयों में किसी शिक्षक या कर्मचारी की मृत्यु होने और शोक सभाओं का आयोजन भी दोपहर तीन बजे के बाद किया जाएगा।
शैक्षणिक सत्र 2021 22 इस बार अगले साल 20 अगस्त को समाप्त होगा। इससे पहले 30 जून तक सत्र संचालित होता था। जहां चॉइस बेस क्रेडिट सिस्टम लागू किया गया है, वहां स्नातक पहले सेमेस्टर की कक्षाएं 13 सितंबर से शुरू होंगी। पहले से चल रहे सेमेस्टर व वार्षिक प्रणाली में भी स्नातक प्रथम वर्ष की कक्षाएं 13 सितंबर से ही शुरू की जाएंगी। मिड टर्म परीक्षाएं 01 नवंबर से 10 दिसंबर के बीच होंगी। सेमेस्टर पाठ्यक्रमों में पहले सेमेस्टर की परीक्षाएं 24 जनवरी से 28 फरवरी और दूसरे सेमेस्टर की परीक्षाएं 1 जुलाई से 3 अगस्त के बीच आयोजित की जाएंगी। 20 अगस्त तक अंतिम परिणाम घोषित किए जाएंगे। वार्षिक पाठ्यक्रमों में दूसरे टर्म की परीक्षाएं फरवरी में और वार्षिक परीक्षाएं 1 जून से 15 जुलाई के बीच होंगी। अगला शैक्षणिक सत्र 22 अगस्त से शुरू होगा।