
मुंबई : के साकीनाका इलाके में दुष्कर्म की शिकार हुई पीड़िता की आज इलाज के दौरान मौत हो गई। 32 साल की दुष्कर्म पीड़िता का इलाज घाटकोपर के राजावाड़ी अस्पताल में चल रहा था। अस्पताल प्रशासन ने भी पीड़िता की मौत की पुष्टि कर दी है। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया । कोर्ट ने 21 सितंबर तक उसे पुलिस रिमांड पर भेज दिया है।
यह वारदात शुक्रवार को मुंबई के साकी नाका इलाके में हुई। यहां खैरानी रोड पर एक 32 वर्षीय महिला के साथ पहले दुष्कर्म किया गया और बाद आरोपी ने उसके प्राइवेट पार्ट में रॉड डालकर दरिंदगी की। महिला को गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया था। जहां उसने शनिवार को दम तोड़ दिया। महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लेते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग की है। राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने वीडियो ट्वीट कर कहा कि अगर आज शाम तक मामले में कोई प्रगति नहीं हुई तो दिल्ली से महिला आयोग की एक सदस्य को रवाना किया जाएगा साथ ही पीड़ित परिवार की मदद की जाएगी।
मुंबई के साकी नाका इलाके में हुए दुष्कर्म मामले में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले हैं, जिसमें आरोपी के खिलाफ कई सबूत दिख रहे हैं। सीसीटीवी फुटेज के मुताबिक, घटना गुरुवार की देर रात 2.30 से 3 बजे के बीच की है। एक फुटेज में आरोपी पीड़िता के साथ दरिंदगी कर रहा है और महिला को पीट रहा है। उसने लोहे की रॉड से महिला पर हमला किया। दूसरे फुटेज में दुष्कर्म के बाद आरोपी महिला के प्राइवेट पार्ट में कई बार लोहे की रॉड डालकर दरिंदगी पर उतारु है। इतना ही नहीं वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी बड़ी चालाकी से महिला को ऑटो में डालकर वहां से फरार हो जाता है।
वहीं, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने दुष्कर्म की घटना पर दुख जताया है। सीएम उद्धव ठाकरे ने मुंबई पुलिस कमिश्नर से बात कर घटना की पूरी जानकारी ली है। उन्होंने कहा कि मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में भेजा जाएगा और पीड़िता को न्याय मिलेगा। सीएम ठाकरे ने पुलिस कमिश्नर से जांच में तेजी लाने के भी निर्देश दिए हैं। वहीं, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा नेता देवेंद्र फड़णवीस ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह मानवता को शर्मसार करने वाली घटना है। दुष्कर्म पीड़िता की मौत के बाद महाराष्ट्र के मंत्री और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा कि इस केस की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होनी चाहिए। साथ ही तय समय के भीतर आरोपी के खिलाफ चार्जशीट पेश होनी चाहिए।