
सैय्यद अहसन रिज़वी,
सिटिज़न वॉयस।
लखनऊ : शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन अली ज़ैदी का हाल में एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमे वह पैसे गिनते और यह कहते नज़र आए कि मुख्यमंत्री से बात करके काम रुक जाएगा। हालाँकि अली ज़ैदी का दावा हैं कि वह वीडियो एडिटेड था। अली ज़ैदी के मुताबिक़ उनके दामन को दाग़दार बनाने के लिए साज़िश रची गई और अधूरा वीडियो वायरल किया जा रहा हैं।
अली ने बताया कि मेरे दफ़्तर में भी दो कैमरे लगे हैं,उन्हें देख कर सारी हक़ीक़त साफ़ होजायेगी। यह वीडियो अक्तूबर 2022 का है जब कुछ लोग मेरे दफ़्तर में किसी काम के सिलसिले में आये और उसी दौरान हुई बात-चीत का क्लिप एडिट करके मुझे बदनाम करने का काम कर रहे हैं। अली ने कहा इस मामले की शिकायत पूर्व में मैं 15 अक्तूबर को पुलिस आयुक्त को कर चुका हूँ हालाँकि, उस वक्त संबंधित लोगों द्वारा इस तरह का वीडियो नहीं वायरल किया गया था। चेयरमैन ने आगे कहा अगर कोई इंसान रिश्वत लेता है तो वह नोट नहीं गिनता हैं
वीडियो में दिख रहे पैसे मैंने अपने कर्मचारियों को देने के लिए निकाले थे। वक़्फ़ बोर्ड चेयरमैन ने कल दोबारा महानगर स्थित पुलिस आयुक्त कार्यालय का दरवाज़ा खट-खटाया और मानसिक रूप से प्रतड़ना का आरोप लगाते हुए संबंधित लोगों को गिरफ़्तार करने की माँग की।