
प्रजापति दुष्कर्म मामले में लखनऊ जेल में कई महीनों से थे बंद
लखनऊ : समाजवादी पार्टी सरकार में कैबिनेट मंत्री रहे गायत्री प्रजापति को लखनऊ पुलिस ने शुक्रवार रात फिर से गिरफ्तार कर लिया है। कुछ समय पहले ही दुष्कर्म, धोखाधड़ी, जालसाजी और धमकी देने के मामले में पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति को फिर से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ बेंच ने गायत्री प्रसाद प्रजापति को 2 महीने की राहत दी है। गायत्री प्रजापति रेप केस में लखनऊ जेल में कई महीनों से बंद थे। जिसे दुष्कर्म मामले में जेल में बंद यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति की जमानत याचिका हाई कोर्ट ने मंजूर कर ली थी। गायत्री प्रजापति अखिलेश यादव सरकार में खनन मंत्री रहे हैं।
दरअसल पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति के खिलाफ दर्ज दुष्कर्म मामले की पैरवी करने वाले अधिवक्ता दिनेश चंद्र त्रिपाठी ने गाजीपुर थाने में गुरुवार को गायत्री प्रसाद प्रजापति और उन पर दुष्कर्म का आरोप लगाने वाली महिला व उसकी बेटी समेत अन्य लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। त्रिपाठी ने आरोप लगाया कि मामले को रफा-दफा करने के लिए रेप पीड़िता और आरोपी गायत्री प्रजापति के बीच करोड़ों का लेनदेन हुआ। त्रिपाठी ने कहा कि शिकायतकर्ता महिला ने उन्हें गैंगरेप मामले में फरवरी 2019 में प्रजापति और अन्य सहआरोपी के पक्ष में ऐफिडेविट दाखिल करने को कहा था और जब उन्होंने विरोध किया तो महिला ने उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी थी।
महिला के एफआईआऱ के बाद जिसके उच्चाधिकारी हरकत में आए और मामले का संज्ञान लिया। पुलिस आयुक्त ने विवेचना में लापरवाही बरतने पर गौतमपल्ली थाने के इंस्पेक्टर और क्राइम ब्रांच में तैनात इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया थ