
लखनऊ: 1989 से गन्ना विभाग में 30 वर्षो से काम कर रहे कर्मी को समायोजित नहीं किया गया जिसको लेकर कर्मचारी 3 दिन से धरने पर गन्ना ऑफिस के बाहर अपने परिवार के साथ भूख हड़ताल पर बैठ गया पर उसका सुरते हाल लेने वाला कोई नहीं है 52 वर्षीय कर्मचारी राजकुमार की माने तो उसको आज भी तीसरे वेतन का लाभ मिल रहा है जबकि अन्य को 7वे वेतन का.. हद तो तब हो गयी ज़ब पिछले 16 महीने से उसका वेतन भी रोक दिया गया और उसका परिवार घर-घर काम करने को मजबूर है आप खुद सुनिए कर्मचारी ने मिडिया से बात में क्या कुछ कहा है उसने यह भी बताया की उसने ज़ब अपनी आवाज उठाई तो अब उसको दिए गए वेतन की रिकवरी भी देने की बात कही गयी है जिसे वो भरने में अक्षम है