
अमीनाबाद के पटरी दुकानदारो और बड़े दुकानदारो के बीच नही सुलझा विवाद
लखनऊ : देश मे आए कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लगाए गए लाक डाउन से पहले 22 मार्च को प्रधानमंत्री ने जनता कफर््य का एलान किया था जनता कफर््यू तो एक दिन बाद समाप्त हो गया लेकिन 22 मार्च से आज तक अमीनाबाद के करीब एक हज़ार पटरी दुकानदारो के लिए आज भी जनता कफर््यू है क्यूकि 22 मार्च के बाद से लेकर आज 178 दिन बीत गए लेकिन गरीब परिवारो से ताल्लुक रखने वाले अमीनाबाद के पटरी दुकानदारो की दुकाने फुटपाथ पर नही सजी। 178 दिनो से गरीबी बेरोजगारी का दंश झेल रहे सैकड़ो पटरी दुकानदारो ने आज उन्ही दुकानदारो से विरोध स्वरूप भीख मांगी जो दुकानदार पटरी दुकानदारो की दुकानो का विरोध कर रहे है
मंगलवार को अमीनाबाद पटरी दुकानदार वेलफेयर सोसाईटी के अध्यक्ष मनीष चाौधरी और महंामंत्री दीपक सोनकर उर्फ शैलू सैकड़ो महिला पुरूष पटरी दुकानदारो के साथ सड़क पर उतरे और अपने हाथो मे कटोरा लेकर विरोध स्वरूप उन्ही दुकानदारो से भिक्षा मांगी जो दुकानदार अपनी दुकानो के आगे पटरी दुकाने लगने का विरोध कर रहे है। 178 दिनो से बेरोज़गार पटरी दुकानदारो को दोबारा रोज़गार दिलाने के लिए संर्घष कर रहे दीपक सोनकर उर्फ शैलू ने कहा कि अमीनाबाद क्षेत्र मे करीब 1 हज़ार पटरी दुकानदार है जो करीब 50 वर्षो से सड़क पर दुकान लगा कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे लेकिन कोरोना काल मे जब से जनता कफर््यू लगा है तब से करीब 1 हज़ार पटरी दुकानदारो के रोज़गार बन्द है उन्होने बताया कि करीब 6 महीने का समय बीत गया है लेकिन न सरकार ही पटरी दुकानदारो के रोज़गार के लिए चिन्तित है और न ही नगर निगम उन्होने बताया कि हम पटरी दुकानदारो ने मध्य क्षेत्र के विधायक बृजेश पाठक से भी मुलाकात की लेकिन फिर भी उनकी दुकाने अभी तक नही लगने दी जा रही है।
उन्होने बताया कि अमीनाबाद के दुकानदारो ने अमीनाबाद क्षेत्र को नो वेडिंग ज़ोन नगर निगम के द्वारा घोषित करा दिया था जिसके बाद पटरी दुकानदारो ने कानून मंत्री बृजेश पाठक से मुलाकात कर अपनी परेशानी बताई थी तब उनकी कोशिश से नो वेडिंग ज़ोन के आदेश को समाप्त कर दिया गया था उनका कहना है कि कोरोना काल मे तीन महीने तक तो सभी कारोबार बन्द रहे लेकिन तीन महीने बाद धीरे धीरे देश अनलाक हुआ और अब लगभग सभी कारोबार शुरू हो गए है बावजूद इसके 178 दिन बीत जाने के बाद भी अमीनाबाद के करीब 1 हज़ार पटरी दुकानदारो की छोटी छोटी दुकाने नही खुलने दी गई इन पटरी दुकानो से जुड़े करीब 1 हज़ार परिवार अब भुखमरी की कगार तक पहुॅच गए है उन्होने कहा कि अमीनाबाद के पटरी दुकानदार अपने परिवार को भुखमरी से बचाने के लिए और अपने रोज़गार को चलाने के लिए संघर्ष करते रहेगे उन्होने कहा कि हम प्रदेश के मुख्यमंत्री से निवेदन करते है कि गरीब पटरी दुकानदारो की आर्थिक स्थिति पर तरस खाते हुए दुकाने खोलने का आदेश दे ताकि उनके कारोबार शुरू हो और करीब 6 महीने से चल रहे कारोबारी संकट से उन्हे निजात मिल सके
पटरी दुकानदारो के लिए 2013/2014 मे बनी थी ये नीति
पटरी दुकानदारो को मौलिक अधिकारी दिलाने के लिए वर्ष 2013/2014 मे संसद मे फेरी नीति के तहत कानून बनाया गया था उसी दौरान देश की सर्वोच्य अदालत ने कहा था कि 6 महीनों के अन्दर पटरी दुकानदारो को 100 मीटर के दायरे मे दो बाई दो मीटर की जगह देकर इन्हे व्यवस्थित किया जाए नगर निगम को आदेश दिया गया था कि वो पटरी दुकानदारो को लाईसेन्स जारी करे । अमीनाबाद पटरी दुकानदार वेलफेयर सोसाईटी के अध्यक्ष मनीष चाौधर द्वारा जारी प्रेस नोट मे कहा गया है कि दुर्भाग्य से नगर निगम आज तक पटरी दुकानदारो की संख्या चयनित नही कर पाया है। उनका कहना है कि कोरोना काल मे 3 महीने के बाद बाकी सभी दुकाने पूरी तरह से खुल गई लेकिन लखनऊ नगर निगम अमीनाबाद की पटरी दुकानो को बन्द रख कर व्यवस्थित कर रहा है।
कि दो महीनो से लगातार हम पटरी दुकानदार नियम कायदे कानून के तहत अपनी दुकानो को लगाने के लिए अधिकारियो से गुहार लगा हे है लेकिन नगर निगम ने पटरी दुकानदारो की एक न सुनी जिसके नतीजे मे अमीनाबाद के बड़े दुकानदार पटरी दुकानदारो के विरोध मे खड़े हो गए। उन्होने कहा कि शासन मे बैठे बड़े अधिकारियो को हम गरीब दुकानदारो से मिलने का समय नही है 6 महीने मे हम पटरी दकानदारो की क्या दुर्शदशा हुई है इसे जानने की किसी ने कोई कोशिश नही की और पटरी दुकानदारो के सामने अब दो वक़्त की रोटी के लाले पड़ गए है
भीख मे मिले 4 सौ रूपए से एक गरीब पटरी दुकानदार को दिया जाएगा राशन
178 दिनो से कारोबार बन्दी की मार झेलते झोलते परेशान हो गए पटरी दुकानदारो ने मंगलवार को विरोध स्वरूप अपने हाथो मे कटोरा लेकर उनही दुकानदारो से भीख मांगी जो दुकानदार पटरी दुकानदारो का विरोध कर रहे है। बड़े दुकानदारो से भीख मे मिले करीब 4 सौ रूपयो को करीब एक हज़ार पटरी दुकानदारो मे से सबसे गरीब दुकानदार के घर मे राशन खरीद कर दिया जाएगा। 178 दिनो से कारोबार बन्दी की मार झेल रहे पटरी दुकानदारो के साथ आज महिला दुकानदारो ने भी भीख मांग कर अपना विरोध दर्ज कराया। विरोध स्वरूप भीख मांग कर प्रदर्शन करने वाली महिलाओ का कहना था कि अमीनाबाद मे पटरी दुकानो को लगते हुए 50 साल से ज़्यादा हो गए है
महिलाओ का कहना था कि सरकार और नगर निगम को गरीब पटरी दुकानदारो की परेशानी का कोई ख्याल नही है अगर ऐसे ही रहा तो वो दिन दूर नही है जब हम गरीब पटरी दुकानदारो के बच्चे भूख से मरने लगेगे महिलाओ का कहना था कि करीब 6 महीने से हम लोग किसी तरह से कर्ज लेकर अपने घरो का सामान बेच कर अपने परिवार का भरण पोषण कर रहे थे लेकिन अब तो हमे कोई कर्ज भी देने वाला नही है और न ही हमारे घर मे कोई ऐसा सामान बचा है जिसे बेच कर हम अपने परिवार का भरण पोषण करे
एसीपी के आश्वासन पर माने पटरी दुकानदार
178 दिनो से बेरोज़गारी का दंश झेल रहे सैकड़ो पटरी दुकानदार जब विरोध स्वरूप भीख मांगने के लिए सड़क पर उतरे तइ किसी तरह की अशान्ती न फैले इसके लिए अमीनाबाद पुलिस मौके पर पहुॅच गई और दुकानदारो को समझाने का प्रयास किया लेकिन भुखमरी की मार झेल रहे दुकानदार भीख मांगने पर अड़े रहे और सड़क पर चलने वाले लोगो और बड़े दुकानदारो से भीख मांगना शुरू कर दी । मौके पर पहुॅचे एसीपी कैसरबाग पंकज श्रीवास्तव ने पटरी दुकानदारो को आश्वस्त किया किया वो जल्द ही इस गम्भीर प्रकरण का निपटारा कराने के लिए प्रयास करेंगे और पुलिस आयुक्त महोदय के सामने भी इस मुददे को रख कर इसका हल तलाश करेगे। एसीपी के आश्वासन के बाद आक्रोषित दुकानदारो ने अपना प्रदर्शन समाप्त किया।