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सीतापुर के पौराणिक महत्व पर इसको भी धार्मिक क्षेत्र घोषित किया जाये।: डॉ अम्मार रिज़वी

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सीतापुर: उत्तर प्रदेश के पूर्व कार्यवाहक मुख्यमंत्री एवं वरिष्ठ भाजपा नेता डॉ० अम्मार रिज़वी ने मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर

 

 

 

 

उनके द्वारा प्रदेश के सात जनपदों को धार्मिक क्षेत्र घोषित किए जाने के प्रस्ताव का स्वागत करते हुए उनको बधाई दी है और उम्मीद ज़ाहिर की है कि प्रयागराज और वाराणसी के अतिरिक्त चंदौली, ग़ाज़ीपुर, जौनपुर, मिर्ज़ापुर एवं भदोही को भी इसमें शामिल किया गया है,‌ इन सबका अपना एक ऐतिहासिक, सांस्कृतिक व धार्मिक इतिहास रहा है, इससे निश्चित रूप से इन जिलों के विकास को और गति मिलेगी।

डॉ रिज़वी ने अपने पत्र में इस बात पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा कि सीतापुर जनपद को इस प्रस्ताव में नहीं जोड़ा गया है जबकि सीतापुर में नैमिषारण्य और मिश्रिख जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल मौजूद हैं। नैमिषारण्य वह जगह है जहां पर हज़ारों वर्ष पूर्व वेद और पुराणों की रचना हुई थी। अयोध्या से गोस्वामी तुलसीदास जी, घाघरा नदी पार करके हमारे पूर्व क्षेत्र महमूदाबाद होते हुए नैमिष जाया करते थे। इसी सीतापुर में महर्षि व्यास जी की गद्दी है। मान्यता यह है कि पुराणों की रचना महर्षि व्यास जी ने इसी स्थान पर की थी। यहीं से उन्होंने “वसुधैव कुटुम्बकम” का ऐतिहासिक और क्रान्तिकारी नारा दिया था। सीतापुर में ही सर्वप्रथम श्री सत्यनारायण की कथा हुई थी। इसी जनपद के रामपुर-मथुरा में गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामायण का एक पूरा अध्याय लिखा है।

डॉ० रिज़वी ने मा० मुख्यमंत्री जी से अनुरोध किया है कि वह सीतापुर के पौराणिक एवं धार्मिक महत्व पर इस जनपद को भी धार्मिक क्षेत्र घोषित किए जाने पर विचार करें। इसके लिए समस्त सीतापुरवासी सदैव उनके आभारी रहेंगे।

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