
रामनगर छात्रावास में वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के निरीक्षण में कार्रवाई — जिला समाज कल्याण अधिकारी और अधीक्षक निलंबित
रामनगर छात्रावास में वित्तीय अनियमितता का मामला उजागर, समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण के निरीक्षण में कार्रवाई — जिला समाज कल्याण अधिकारी और अधीक्षक निलंबित
बाराबंकी: भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति पर कार्य कर रही उत्तर प्रदेश सरकार ने एक और कड़ा कदम उठाया है। सोमवार को समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने बाराबंकी जनपद के रामनगर स्थित स्नातकोत्तर महाविद्यालय के छात्रावास का औचक निरीक्षण किया, जहां 5 लाख रुपये की मरम्मत धनराशि में गंभीर वित्तीय अनियमितता पाई गई।निरीक्षण के दौरान मंत्री को यह तथ्य ज्ञात हुआ कि छात्रावास में मरम्मत और सुधार कार्यों के लिए उपलब्ध कराए गए 5 लाख रुपये में से केवल एक लाख रुपये से भी कम का कार्य हुआ है। शेष धनराशि का कोई उपयुक्त उपयोग या विवरण नहीं मिला। इस लापरवाही, शिथिलता और वित्तीय गड़बड़ी के लिए जिला समाज कल्याण अधिकारी सुषमा वर्मा और छात्रावास अधीक्षक संतोष कुमार कनौजिया को प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के स्पष्ट निर्देश हैं कि भ्रष्टाचार या कार्यों में लापरवाही किसी भी दशा में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में उपनिदेशक, अयोध्या मंडल को पूरे प्रकरण की जांच सौंपी गई है।निलंबन अवधि के दौरान दोनों अधिकारियों को लखनऊ से सम्बद्ध किया गया है। जांच पूरी होने के बाद दोष सिद्ध होने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी तथा वित्तीय क्षति की भरपाई भी संबंधित अधिकारियों से की जाएगी। वहीं, छात्रावास में अधूरी सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए फर्नीचर और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए 10 लाख रुपये की अतिरिक्त धनराशि भी स्वीकृत की गई है।प्रदेश सरकार का यह कदम दर्शाता है कि वह जनकल्याण से जुड़े संसाधनों के दुरुपयोग को लेकर पूरी तरह सजग और सख्त है।
