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ट्रम्प का मस्क के साथ अब रिश्ता खत्म!

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ट्रम्प का मस्क के साथ अब रिश्ता खत्म!

Donald Trump & Elon Musk Dispute:

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शनिवार को कहा कि उनका अरबपति इलॉन मस्क के साथ रिश्ता खत्म हो गया है।

NBC न्यूज से बात करते हुए ट्रम्प ने मस्क को चेतावनी दी कि अगर विपक्षी डेमोक्रेट्स का साथ दिया तो गंभीर नतीजे भुगतने पड़ेंगे।

ट्रम्प और मस्क ‘बिग ब्यूटीफुल बिल’ को लेकर आमने-सामने हैं। ट्रम्प इस बिल के समर्थन में हैं, जबकि मस्क खिलाफ। यह बिल हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स में 22 मई को सिर्फ 1 वोट के अंतर से पास हो चुका है।

इसके समर्थन में 215 और विरोध में 214 वोट मिले थे। अब यह सीनेट में विचाराधीन है, जहां इसे 4 जुलाई 2025 तक पास किया जाना है। मस्क अब ट्रम्प के इस विधेयक के रास्ते में बड़ी रुकावट बनते दिख रहे हैं।मस्क ने ट्रम्प के पुराने पोस्ट शेयर किए, जिसमें ट्रम्प खुद कर्ज बढ़ाने की आलोचना करते थे और कहा कि ट्रम्प अब अपने ही सिद्धांतों के खिलाफ जा रहे हैं।

कुछ रिपब्लिकन सीनेटर जैसे कि रैंड पॉल, रॉन जॉनसन और माइक ली खुलकर मस्क के समर्थन में आ गए हैं और बिल में बदलाव चाहते हैं। इन सांसदों ने कहा है कि वे बिल के खिलाफ वोट देंगे।

ट्रम्प इसे अपनी आर्थिक योजना की रीढ़ मानते हैं, लेकिन अगर मस्क की लॉबिंग असर दिखाती रही, तो ट्रम्प को न सिर्फ बिल में बदलाव करना पड़ सकता है, बल्कि उन्हें अपनी ही पार्टी में समर्थन जुटाने के लिए अलग रणनीति अपनानी होगी।

ट्रम्प समर्थकों का कहना है कि बिल में बाइडेन सरकार की इलेक्ट्रिक वाहनों और सोलर एनर्जी के लिए दी जाने वाली टैक्स छूट खत्म करने का प्रस्ताव है, जो मस्क की कंपनी टेस्ला को नुकसान पहुंचा सकता है।मस्क के विरोध के बावजूद ट्रम्प इस बिल को पास कराने की कोशिशों में जुट गए हैं। उन्होंने कई सीनेटर के साथ मुलाकात की है और फोन पर बात भी की है, ताकि उन्हें बिल के समर्थन में वोट देने के लिए मनाया जाए। इसके अलावा ट्रम्प बिल में थोड़े बहुत संशोधन करने पर भी विचार कर रहे हैं।बिल के मुताबिक अमेरिका में काम करने वाले विदेशी कामगार जब दूसरे देशों में पैसा भेजेंगे तो उन्हें उस रकम पर 3.5% टैक्स देना होगा। पहले यह टैक्स 5% प्रस्तावित था, लेकिन दबाव के बाद इसे कम किया गया।

वर्ल्ड बैंक और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के मुताबिक, 2024 में भारत को 129 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला था। इसमें से 28% यानी 36 अरब डॉलर रेमिटेंस अमेरिका से मिला था।

इस नए टैक्स से भारत को हर साल अरबों डॉलर का नुकसान हो सकता है। पिछले 10 सालों में भारत का रेमिटेंस 57% बढ़ा है। 2014 से 2024 तक भारत को कुल 982 अरब डॉलर का रेमिटेंस मिला।

बता दें अगर कोई भारतीय अमेरिका में काम करता है और हर महीने अपने परिवार को भारत में पैसे भेजता है, तो वह रेमिटेंस कहलाता है। यह पैसा बैंक ट्रांसफर, मनी ट्रांसफर सर्विसेज या अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए भेजा जाता है।

 

 

ट्रम्प का दावा है कि यह ‘देशभक्ति से भरा हुआ’ कानून है। इसके पारित होने से अमेरिका में निवेश बढ़ेगा और चीन पर निर्भरता घटेगी। जबकि मस्क इसे पोर्क फिल्ड यानी कि बेकार खर्चों से भरा बिल मानते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक इस बिल को पास होने से रोकने के लिए मस्क ने रिपब्लिकन पार्टी के 3 सांसदों को अपनी तरफ कर लिया है।

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