
ICMR और NCDC की रिपोर्ट का बड़ा दावा!
इंडिया Iive: इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC) ने अपनी स्टडी में बताया कि देश में हार्ट अटैक से होने वाली अचानक मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं है।
यह स्टडी 18 से 45 साल के लोगों की अचानक मौत पर आधारित है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार को प्रेस रिलीज जारी कर इसकी जानकारी दी। स्टडी ने पुष्टि की है कि भारत की कोविड वैक्सीन सेफ और इफेक्टिव है। इससे होने वाले गंभीर साइडइफेक्ट के मामले रेयर हैं।
स्टडी में बताया गया है कि अचानक हुई मौतों की अन्य वजहें हो सकती हैं। इनमें जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल, पहले से मौजूद बीमारी और कोविड के बाद के कॉम्पलिकेशन शामिल हैं।यह ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (AIIMS) और ICMR की मदद से की जा रही है। इसका मकसद युवा वयस्कों की अचानक मौतों के कारण पता लगाना है। स्टडी के शुरुआती आंकड़ों से पता चला कि दिल का दौरा या मायोकार्डियल इंफार्क्शन (MI) इस उम्र में अचानक मौत का प्रमुख कारण है।
अहम बात यह है कि पिछले कई सालों में अचानक मौत के कारणों के पैटर्न में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है। अधिकतर मौतों का कारण जेनेटिक म्यूटेशन है। यह स्टडी अभी जारी है। पूरी होने पर अंतिम परिणाम साझा किए जाएंगे।
ब्रिटिश हाईकोर्ट में जमा किए गए दस्तावेजों में कंपनी ने माना कि उसकी कोरोना वैक्सीन से कुछ मामलों में थ्रॉम्बोसिस थ्रॉम्बोसाइटोपेनिया सिंड्रोम यानी TTS हो सकता है। इस बीमारी से शरीर में खून के थक्के जम जाते हैं और प्लेटलेट्स की संख्या गिर जाती है।स्टडी में 4.6% किशोरियों में मासिक धर्म संबंधी असामान्यताएं (अनियमित पीरियड्स) देखी गईं। प्रतिभागियों में आंखों से जुड़ी असामान्यताएं (2.7%) और हाइपोथायरायडिज्म (0.6%) भी देखा गया। वहीं, 0.3% प्रतिभागियों में स्ट्रोक और 0.1% प्रतिभागियों में गुलियन बेरी सिंड्रोम (GBS) की पहचान भी हुई।