
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती स्मृति वर्ष का शुभारंभ 6 जुलाई से, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश करेगा राज्यव्यापी आयोजन
डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती स्मृति वर्ष का शुभारंभ 6 जुलाई से, संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश करेगा राज्यव्यापी आयोजन
लखनऊ: भारत माता के सच्चे सपूत, प्रखर राष्ट्रवादी चिंतक और सांस्कृतिक एकता के प्रबल पक्षधर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी की 125वीं जयंती 6 जुलाई 2025 को उत्तर प्रदेश में श्रद्धा, गौरव और प्रेरणा के भावों के साथ मनाई जाएगी। इस अवसर पर संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश एवं उसके अधीन संचालित स्वायत्तशासी संस्थानों द्वारा राज्यव्यापी कार्यक्रमों की शृंखला का आयोजन किया जा रहा है।यह आयोजन संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह की प्रेरणा और प्रमुख सचिव संस्कृति एवं पर्यटन के मार्गदर्शन में आयोजित किया जाएगा। भारत सरकार, संस्कृति मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार यह स्मृति वर्ष 6 जुलाई 2025 से 6 जुलाई 2027 तक चलेगा, जिसमें दो वर्षों तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से डॉ. मुखर्जी के विचारों और योगदान को जन-जन तक पहुँचाया जाएगा।इस विशेष आयोजन का प्रमुख उद्देश्य युवापीढ़ी को डॉ. मुखर्जी के जीवन, उनके राष्ट्रवादी विचारों और सांस्कृतिक चेतना से अवगत कराना है, ताकि वे राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा प्राप्त कर सकें। डॉ. मुखर्जी का जीवन राष्ट्रीय एकता, अकादमिक उत्कृष्टता और आत्मोत्सर्ग का प्रतीक रहा है। वे आज भी भारतीय राष्ट्रवाद और सांस्कृतिक स्वाभिमान के प्रेरणास्रोत माने जाते हैं।संस्कृति विभाग द्वारा अपने समस्त निदेशालयों एवं स्वायत्तशासी संस्थानों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए हैं, जिससे 125वीं जयंती स्मृति वर्ष का आयोजन समन्वित, प्रभावशाली और गरिमापूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। सभी कार्यक्रमों में डॉ. मुखर्जी के जीवन पर केंद्रित संगोष्ठियाँ, निबंध लेखन, चित्रकला प्रतियोगिताएं, व्याख्यानमालाएं और सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ शामिल रहेंगी।यह स्मृति वर्ष केवल एक श्रद्धांजलि नहीं, बल्कि राष्ट्रभक्ति, कर्तव्यबोध और सांस्कृतिक जागरण का पर्व बनकर उत्तर प्रदेश के सांस्कृतिक जीवन में एक नई चेतना का संचार करेगा।
