
योगी का लल्लन पर कड़ा वार।
Uttar Pradesh News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज एक सार्वजनिक मंच से ऐसा बयान दे डाला, जिसे सुनकर जनता के साथ-साथ मंच पर मौजूद कई नेता भी चौंक गए। कार्यक्रम में जनता दल (यूनाइटेड) के वरिष्ठ नेता लल्लन सिंह भी मौजूद थे, और जैसे ही योगी ने अपनी बात खत्म की — लल्लन सिंह का चेहरा एकदम सख्त हो गया।

दरअसल, योगी आदित्यनाथ ने मंच से बिना नाम लिए विपक्ष पर हमला बोला, लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर बिहार की राजनीति और उसमें शामिल नेताओं की तरफ था। उन्होंने कहा

“कुछ लोग सिर्फ जात-पात की राजनीति करते हैं, लेकिन जब जनता सवाल पूछती है, तो चुप्पी साध लेते हैं। अब ऐसे लोग चाहे बिहार में हों या दिल्ली में, जनता सब समझ चुकी है।”
योगी आदित्यनाथ का यह बयान आते ही कार्यक्रम में मौजूद लोगों में हलचल मच गई। वहीं पास बैठे लल्लन सिंह, जो जदयू के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष रह चुके हैं, तुरंत असहज दिखे। हालांकि उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन चेहरे के हावभाव से साफ था कि बात उन्हें चुभ गई है।
मुख्यमंत्री ने आगे यह भी कहा कि “विकास की बात करने वालों को अब झूठे वादों से डर नहीं लगता, बल्कि उन्हें काम करके दिखाना पड़ता है। जनता अब जाति के नाम पर नहीं, विकास के नाम पर वोट देगी।”
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह बयान सिर्फ एक मंचीय टिप्पणी नहीं, बल्कि 2025 के आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर दिया गया राजनीतिक संकेत था। यूपी और बिहार की राजनीति में इस समय नए गठबंधन और समीकरण बन रहे हैं, और योगी का यह बयान इन्हीं बदलावों की पृष्ठभूमि में देखा जा रहा है।
लल्लन सिंह ने कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में सीधे कोई जवाब नहीं दिया, लेकिन कहा कि “हर किसी को अपनी मर्यादा में रहकर बोलना चाहिए, खासकर जब मंच साझा किया जा रहा हो।”
इस बयान के बाद से राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज हो गई है कि क्या यूपी-बिहार की सियासत में एक बार फिर टकराव की लकीरें खिंच रही हैं।