
लखनऊ में ताला तोड़कर चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का भंडाफोड़, 35 लाख के जेवरात बरामद
लखनऊ: राजधानी लखनऊ के आशियाना थाना क्षेत्र में ताला तोड़कर घरों में घुसने और लाखों के आभूषण चुराने वाले अंतरजनपदीय गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ कर दिया है। पुलिस ने इस गिरोह के चार शातिर चोरों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लगभग 35 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण, एक चोरी की मोटरसाइकिल और अन्य सामान बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपियों में लखीमपुर खीरी और लखनऊ के निवासी शामिल हैं। गिरोह बीते कई महीनों से लखनऊ में बंद घरों की रेकी कर चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था।पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक आशियाना थाना क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय पुलिस और क्राइम टीम (डीसीपी मध्य) की संयुक्त कार्रवाई में यह सफलता मिली है। मुखबिर की सूचना पर बुधवार को बीबीएयू विश्वविद्यालय के पास स्थित सर्विस लेन से चार आरोपियों को चोरी की योजना बनाते समय गिरफ्तार किया गया। आरोपियों की पहचान लखीमपुर खीरी निवासी सुधीर कश्यप, गौरव सिंह और मोहम्मद जिसान के साथ-साथ लखनऊ के गोमतीनगर निवासी नमित मिश्रा के रूप में हुई है। पूछताछ में सभी ने कई चोरियों की बात स्वीकार की है और उनके कब्जे से बड़ी मात्रा में चोरी गया माल भी बरामद किया गया है।पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी सुधीर कश्यप एक कुख्यात अपराधी है, जिस पर लखीमपुर खीरी और लखनऊ के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, चोरी, लूट और मारपीट जैसे गंभीर अपराधों के 11 से अधिक मामले दर्ज हैं। गिरोह का पूरा संचालन सुधीर ही करता था, जो अपने साथियों के साथ मिलकर लखनऊ के अलग-अलग मोहल्लों और कॉलोनियों में बंद पड़े मकानों की रेकी करता था। गिरोह के सदस्य पहले उन मकानों को चिन्हित करते जिनमें ताले लगे होते या जिनमें लंबे समय से कोई हलचल न दिखाई देती। इसके बाद ये लोग दिन या रात के समय मौका देखकर मुख्य दरवाजे का ताला तोड़ते और घर के भीतर घुसकर पूरी सफाई से कीमती आभूषण और नकदी पर हाथ साफ कर देते थे।गिरफ्तारी के बाद आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने इनके ठिकानों से भारी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात बरामद किए हैं। बरामद माल में सोने की चूड़ियां, अंगूठियां, झुमके, हार, मांगटीका, ब्रेसलेट, हेयरबैंड, कड़े, मंगलसूत्र आदि शामिल हैं। वहीं चांदी के जेवरों में पायल, चम्मच, थाली, करधनी, बिछिया, चेन, ब्रेसलेट और चांदी की अन्य धातुएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त आरोपियों के पास से एक काली स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद हुई है, जिसका इस्तेमाल चोरी की घटनाओं में किया जा रहा था। बरामद सभी आभूषणों की अनुमानित बाजार कीमत 35 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।गिरोह की गिरफ्तारी से पुलिस ने कम से कम तीन बड़ी चोरियों का खुलासा किया है, जिनमें आशियाना क्षेत्र के मधुरिमा तिवारी और सत्यदेव राजपूत के घरों में हुई ताले तोड़कर की गई चोरी शामिल है। इसके अलावा गोमतीनगर में एक प्रवासी भारतीय के घर से चोरी की घटना भी इसी गिरोह द्वारा अंजाम दी गई थी। ये सभी घटनाएं पिछले कुछ महीनों में हुई थीं और पुलिस के लिए चुनौती बन गई थीं।पुलिस ने बताया कि यह गिरोह बेहद शातिराना तरीके से काम करता था। चोरी के बाद माल को स्थानीय बाजारों या इंटरस्टेट चैनल के जरिए खपाया जाता था। आरोपी अपने ऊपर शक न हो इसलिए आम लोगों की तरह रहन-सहन रखते थे और लखनऊ में अलग-अलग स्थानों पर किराए के मकानों में रहते थे।इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में आशियाना थाना प्रभारी छत्रपाल सिंह, निरीक्षक क्राइम ब्रांच, उपनिरीक्षक, सिपाही और तकनीकी टीम के सदस्य शामिल थे। कुल 19 सदस्यीय टीम ने सतर्कता और मुस्तैदी के साथ गिरोह का पर्दाफाश किया। पुलिस कमिश्नर लखनऊ ने टीम को उत्कृष्ट कार्य के लिए सराहना दी है।पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। यदि वे किसी भी कारण से लंबे समय तक घर से बाहर जाते हैं, तो पुलिस को सूचना दें और अपने पड़ोसियों को भी सतर्क करें। सीसीटीवी कैमरे लगवाएं और ‘नेबरहुड वॉच’ जैसी सामुदायिक निगरानी व्यवस्था को मजबूत करें ताकि अपराधियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
लखनऊ पुलिस की इस कार्रवाई से राजधानी में सक्रिय चोरी के गिरोहों के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिससे शहरवासियों को राहत मिली है और आने वाले समय में अपराध नियंत्रण की दिशा में इसे एक ठोस कदम माना जा रहा है।
