diwali horizontal

फर्जी वेबसाइट बनाकर लाखों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार  

0 83
फर्जी वेबसाइट बनाकर लाखों की साइबर ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, दो आरोपी दिल्ली से गिरफ्तार  
लखनऊ: पुलिस कमिश्नरेट की साइबर सेल और थाना सरोजनीनगर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय साइबर अपराधी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर ठगों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी वेबसाइट और एप्लीकेशन बनाकर लोगों को क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने तथा बीमा प्लान के एक्टिव होने का झांसा देकर उनके क्रेडिट कार्ड की जानकारी लेकर ऑनलाइन लाखों रुपये की ठगी करता था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 25 मोबाइल फोन, 24 सिम कार्ड, एक लैपटॉप, दो राउटर, एक प्रिंटर और ₹41,250 नगद बरामद किया है। इस सफलता के लिए पुलिस उपायुक्त दक्षिणी ने संयुक्त पुलिस टीम को नकद पुरस्कार से सम्मानित किया है।मामला तब सामने आया जब 24 जून 2025 को सरोजनीनगर के निवासी जितेंद्र कुमार ने पुलिस को सूचना दी कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मी बताकर उनसे पैन कार्ड नंबर और ओटीपी मांगकर उनके क्रेडिट कार्ड से ₹1,60,432 की शॉपिंग कर ली। पुलिस ने तुरंत इस मामले में धारा 66D के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी और मैनुअल जांच के बाद टीम ने दिल्ली के मीठापुर स्थित एक मकान पर छापा मारा जहां से राहुल लखेडा और विकास कुमार नामक दो अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया।पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बैंक के नाम से फर्जी वेबसाइट और एप्लीकेशन बनाकर लोगों को लिंक भेजते थे। इसके माध्यम से वे क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने या बीमा प्लान के होने का झांसा देते थे। लिंक पर लोग अपनी क्रेडिट कार्ड की पूरी जानकारी भर देते थे, जिससे आरोपियों को ओटीपी सहित सभी संवेदनशील जानकारी प्राप्त हो जाती थी। इसके बाद आरोपियों द्वारा ऑनलाइन मोबाइल ऑर्डर किया जाता और प्राप्त मोबाइल को बाजार में बिल के साथ सस्ते दामों पर बेचकर वे लाखों की ठगी करते थे।साइबर सेल ने बरामद लैपटॉप और मोबाइल फोन की जांच में पाया कि इनके माध्यम से साइबर ठगी से संबंधित कई शिकायतें ऑनलाइन दर्ज हैं। फिलहाल इन शिकायतों की पुष्टि कर संबंधित मामलों की विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है। गिरफ्तार अभियुक्त राहुल लखेडा हरियाणा के फरीदाबाद में हत्या, धोखाधड़ी समेत कई गंभीर धाराओं में पहले भी अपराधी रह चुका है, जबकि विकास कुमार के आपराधिक इतिहास की जांच जारी है।पुलिस ने बताया कि इस गिरोह ने राष्ट्रीय स्तर पर कई लोगों को अपना शिकार बनाया है और लाखों रुपये की ठगी की है। इस पूरे मामले में पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है ताकि आम जनता सुरक्षित रह सके। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल या लिंक पर भरोसा न करें और अपनी निजी जानकारियों को साझा करने में सतर्कता बरतें।यह कार्रवाई लखनऊ पुलिस की साइबर सुरक्षा में एक बड़ी सफलता है, जिसने ऐसे धोखेबाज गिरोहों को पकड़कर साइबर अपराध पर प्रभावी रोक लगाने का संदेश दिया है।
Leave A Reply

Your email address will not be published.