
अपना दल (एस) ने मनाई समाज सुधारक बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया की पुण्यतिथि
लखनऊ: अपना दल (एस) की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल के निर्देश पर गुरुवार को प्रदेशभर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने समाज सुधारक बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया की पुण्यतिथि श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाई। इस अवसर पर कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर नमन किया और उनके विचारों को साझा किया। पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता राजेश श्रीवास्तव ने यह जानकारी दी।लखनऊ कैंप कार्यालय में आयोजित संगोष्ठी की अध्यक्षता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव मुन्नर प्रजापति ने की, जबकि संचालन लखनऊ ग्रामीण के जिला अध्यक्ष हरि ओम पटेल ने किया। मुख्य वक्ता के रूप में पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव केके पटेल ने बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया के जीवन, उनके संघर्षों और समाज सुधार की दिशा में किए गए कार्यों पर विस्तार से प्रकाश डाला।मुख्य वक्ता ने कहा कि बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया केवल चौरसिया समाज तक सीमित नहीं थे, बल्कि उन्होंने पूरे पिछड़े समाज की चिंता की। वे सामाजिक न्याय के नायक और पिछड़ों के पुरोधा कहे गए। उन्होंने लोक अदालत की व्यवस्था कराकर गरीब, दलित और वंचितों को न्याय दिलाने की ऐतिहासिक पहल की, जिसके कारण उन्हें ‘लोक अदालत का जनक’ भी माना जाता है।केके पटेल ने यह भी बताया कि बाबू शिवदयाल सिंह चौरसिया राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग यानी काका कालेलकर आयोग के सदस्य रहे थे। उस दौरान उन्होंने पिछड़े वर्ग के लिए आरक्षण की मांग की थी, हालांकि तत्कालीन परिस्थितियों में उनकी मांग को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया। बावजूद इसके, उन्होंने जीवनभर सामाजिक असमानता, छुआछूत और पिछड़ेपन के खिलाफ संघर्ष जारी रखा।संगोष्ठी में वक्ताओं ने कहा कि आज जब हम उनकी पुण्यतिथि मना रहे हैं तो उनके विचार और आदर्श हमें सामाजिक समरसता और समानता की राह पर चलने के लिए प्रेरित करते हैं।कार्यक्रम में राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता तेज़बली सिंह, विधि मंच के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अधिवक्ता प्रमोद पटेल, राष्ट्रीय सचिव अधिवक्ता राकेश वर्मा, विधि मंच के प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता सुरेंद्र मौर्य, किसान मंच के राष्ट्रीय सचिव अंजनी मौर्य सहित बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
