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सुब्रत राय का आलीशान राजमहल अब सपना राय को करना होगा खाली।

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सुब्रत राय का आलीशान राजमहल अब सपना राय को करना होगा खाली।

Lucknow News: एक समय देश के जाने-माने उद्योगपतियों की लिस्ट में शुमार रहे सुब्रत राय के परिवार की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। सुब्रत राय की पत्नी सपना राय को लखनऊ के गोमतीनगर स्थित सहारा शहर में बने राजमहल जैसे घर को खाली करना पड़ेगा।

इस संबंध में नगर निगम की टीम नोटिस भी जारी कर चुकी है। सहारा के मालिक सुब्रत राय जिनका एक समय पर सिक्का चलता था, अब उनका साम्राज्य धीरे-धीरे बिखरता जा रहा है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, गोमतीनगर के विपुलखंड क्षेत्र में करीब 170 एकड़ भूमि पर सहारा शहर के निर्माण का प्रस्ताव रखा गया था। साल 1994 में नगर निगम ने यह जमीन सहारा इंडिया हाउसिंग लिमिटेड को लाइसेंस और लीज डीड पर सौंपी दी थी। इसको लेकर शर्त रखी गई थी कि इस जगह पर आवासीय कॉलोनी बनाई जाएगी। इसमें में लगभग 40 एकड़ क्षेत्र में ग्रीन जोन के रूप में सुरक्षित रखा जाएगा। बताया जा रहा है कि कंपनी ने इन शर्तों का पालन नहीं किया है।

 

 

1 लाख वर्गफीट में बनवाया आलीशान आवास

 

इसके चलते नगर निगम ने साल 1997 में ही लाइसेंस डीड रद्द कर दिया था। साथ ही सहारा कंपनी को नोटिस भी जारी कर दी थी। ये पूरा मामला काफी समय तक कोर्ट में भी चलता रहा था। इसी बीच सहारा के मालिक सुब्रत राय ने इसी जमीन पर करीब एक लाख वर्गफीट में आलीशान आवास बनवा लिया था। उनके निधन के बाद यह पत्नी सपना राय का निवास स्थान बन गया है। अब नगर निगम ने इस संपत्ति पर ही कार्रवाई तेज कर दी है।

 

खाली नहीं किया तो घर सील करने की तैयारी

 

बताया जा रहा है कि 11 सितंबर को नगर निगम की ओर से नोटिस जारी किया गया था। बीते शनिवार को टीम ने सहारा शहर की जमीन पर कब्जा लेकर बोर्ड भी लगा दिया है। इस पूरे मामले पर नगर निगम के अधिकारियों ने सख्त रुख अपना रखा है। नगर निगम का कहना है कि अगर सपना राय ने खुद घर खाली नहीं किया तो उसे सील कर दिया जाएगा। सपना राय को घर खाली करने के लिए नोटिस पहले ही भेजी जा चुकी है। इसलिए दोबारा नोटिस भेजने की कोई जरूरत नहीं है। सपना राय को साफ कहा गया है कि वो जल्द ही आवास को खाली कर दें।

 

सहारा शहर योजना ठप पड़ गई

 

सूत्रों की माने तो इस कार्रवाई के बाद सहारा शहर योजना पूरी तरह से ठप पड़ गई है। अगर योजना तय शर्तों के अनुसार विकसित होती तो यहां करीब एक लाख लोगों को आवासीय सुविधा मिल पाती। मगर कंपनी की लापरवाही और कानूनी पेचीदगियों के चलते आज तक कोई भी आवंटी अपना घर या प्लॉट नहीं पा सका है। सहारा के मालिक सुब्रत राय के निधन के बाद परिवार पर लगातार आर्थिक और कानूनी संकट गहराता जा रहा है।

 

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