किसी को निराश न करने वाले बाबू जी ने सभी को किया निराश , नहीं रहे वैद्य जी; सबको जिंदगी देने वाले वैद्य जी अपनी जिंदगी से हार गए!
बछरावां रायबरेली; विकास क्षेत्र के थूलेंडी गांव के बहुत ही प्रसिद्ध आयुर्वेद विद बाबू जी के नाम से प्रख्यात यज्ञ प्रसाद शुक्ला (वैध जी) का 98 वर्ष की आयु में निधन हो गया। बाबूजी ने अपने जीवन काल में कभी किसी को निराश नहीं किया पैसा है य नहीं है लेकिन इलाज हर स्थिति में किया।जैसे ही उनके निधन की खबर क्षेत्र में फैली चारों तरफ निराशा ही निराशा छा गई और उनके अंतिम दर्शनों को लोगों की भीड़ लग गई।बछरावां क्षेत्र ने एक अनमोल धरोहर विद्वान आयुर्वेद ज्ञाता खो दिया। बाबूजी अपने पीछे तीन बेटे डॉ0पवन शुक्ला ,डॉ0 संतोष शुक्ला डॉ0 बबलू शुक्ला व पांच बेटियां छोड़ गए हैं। बाबूजी का अंतिम संस्कार डलमऊ के गंगा घाट पर किया गया। संस्कार के समय सभी की आंखें नम थी।भगवान ने भी बारिश करके बाबूजी के आगमन का स्वागत।