
UPI पर लगेगा चार्ज: संजय सिंह
INDIA LIVE : संसद में UPI और डिजिटल पेमेंट से जुड़े बिल को लेकर सियासी बहस तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरा और सवाल उठाए कि अगर UPI से जुड़े लेनदेन पर भविष्य में किसी तरह का शुल्क लगाने की व्यवस्था बनती है, तो इसका असर आम लोगों और छोटे दुकानदारों पर क्या पड़ेगा। वहीं वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सरकार का पक्ष रखते हुए साफ किया कि आम UPI यूजर्स से अभी कोई चार्ज नहीं लिया जा रहा है और सरकार ने UPI पेमेंट पर तत्काल कोई शुल्क लागू नहीं किया है।
दरअसल, विवाद Taxation and Other Laws (Amendment) Bill, 2026 को लेकर है। इस बिल में डिजिटल पेमेंट के संबंध में ऐसे प्रावधान हैं जिनके आधार पर सरकार भविष्य में नोटिफिकेशन के जरिए कुछ पेमेंट मोड पर शुल्क से जुड़ी व्यवस्था कर सकती है। इसी बात को लेकर विपक्ष ने सवाल उठाए हैं। सरकार का कहना है कि इसका मतलब यह नहीं है कि आज से UPI करने पर लोगों से पैसा लिया जाएगा।
राज्यसभा में संजय सिंह ने इस मुद्दे को उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा। AAP का आरोप है कि UPI देश में आम आदमी के रोजमर्रा के लेनदेन का बड़ा माध्यम बन चुका है और अगर इस पर कोई अतिरिक्त बोझ आता है तो इसका असर करोड़ों लोगों पर पड़ सकता है। दूसरी तरफ सरकार की ओर से कहा गया कि UPI को लेकर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है और मौजूदा व्यवस्था में यूजर के लिए UPI पेमेंट फ्री है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने यह भी स्पष्ट किया कि अगर कभी MDR यानी Merchant Discount Rate से जुड़ी व्यवस्था लागू होती है, तो उसका बोझ सीधे UPI करने वाले ग्राहक पर डालने की बात नहीं है। सरकार की ओर से यह स्पष्टीकरण ऐसे समय आया है जब सोशल मीडिया पर UPI चार्ज को लेकर तरह-तरह के दावे तेजी से फैल रहे हैं।
अब सवाल यह है कि आखिर UPI को लेकर इतना हंगामा क्यों है? इसकी वजह साफ है। आज छोटे दुकानदार से लेकर बड़े कारोबारी तक डिजिटल पेमेंट का इस्तेमाल करते हैं। लोग चाय की दुकान से लेकर ऑनलाइन खरीदारी तक QR कोड के जरिए भुगतान करते हैं। इसलिए UPI से जुड़े किसी भी नए नियम की खबर सीधे आम लोगों की चिंता बढ़ा देती है।
इस पूरे मामले में AAP और BJP के बीच राजनीतिक वार-पलटवार भी तेज हो गया है। विपक्ष सरकार से ज्यादा स्पष्टता की मांग कर रहा है, जबकि सरकार कह रही है कि आम UPI यूजर पर कोई तत्काल चार्ज नहीं लगाया गया है। संसद से लेकर सोशल मीडिया तक अब यही चर्चा है कि भविष्य में डिजिटल पेमेंट को लेकर सरकार की नीति क्या होगी।
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि UPI इस्तेमाल करने वाले आम लोगों पर अभी कोई नया शुल्क लागू नहीं हुआ है। इसलिए केवल वायरल दावों के आधार पर यह मान लेना सही नहीं होगा कि अब हर UPI पेमेंट पर पैसा देना पड़ेगा। बिल के प्रावधान और सरकार की आधिकारिक स्थिति को समझना जरूरी है।
आने वाले समय में इस मुद्दे पर संसद में और बहस हो सकती है। एक तरफ विपक्ष इसे आम जनता से जुड़ा बड़ा मुद्दा बता रहा है, वहीं सरकार इसे अलग तरीके से समझा रही है। ऐसे में देखना होगा कि भविष्य में UPI से जुड़े नियमों में क्या बदलाव होते हैं और उसका असर आम लोगों और दुकानदारों पर पड़ता है या नहीं।