
मुख्यमंत्री ने काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर काकोरी शहीद स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए
मुख्यमंत्री ने काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर काकोरी शहीद स्मारक में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित हुए
कार्यक्रम की झलकियां
क्रान्तिकारियों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों को नमन किया,
काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े हुए सभी महानायकों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की
मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया
क्रान्तिकारियों का उद्देश्य गुलामी की बेड़ियों
को तोड़कर, भारत को स्वतंत्र कराना था : मुख्यमंत्री
प्रधानमंत्री जी ने आजादी के नायकों को सम्मान देने का कार्य किया
बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर से जुड़े पंच तीर्थ, वीर सावरकर, रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ के स्मारकों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया गया
काकोरी की घटना को काकोरी ट्रेन एक्शन नाम देकर क्रान्तिकारियों को सम्मान दिया, इन क्रान्तिकारियों के नाम पर अब डाक टिकट जारी हो रहे और संस्थाओं के नाम रखे जा रहे
विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तब
साकार होगी, जब सभी के मन में राष्ट्र सर्वोपरि का भाव होगा
लखनऊ : 09 अगस्त, 2026: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि आज

काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं पावन तिथि है। 09 अगस्त, 1925 को भारत माता के महान सपूतों ने ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती दी थी कि भारत की धरती गुलामी को कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। महान क्रान्तिकारियों ने सन् 1857 के प्रथम स्वातंत्र्य समर से भारत छोड़ो आन्दोलन तक आजादी की लड़ाई के लिए कार्यक्रमों की लम्बी श्रृंखला खड़ी की थी। मुख्यमंत्री जी ने क्रान्तिकारियों व स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की स्मृतियों को नमन करते हुए काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े हुए सभी महानायकों को अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की।
मुख्यमंत्री जी आज यहाँ काकोरी शहीद स्मारक में काकोरी ट्रेन एक्शन की 101वीं वर्षगांठ पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने काकोरी शहीद स्मारक में स्थित शहीदों की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों एवं शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री जी ने वन्दे मातरम् तथा काकोरी के शहीदों पर आधारित पुस्तिका का विमोचन किया।
मुख्यमंत्री जी ने काकोरी ट्रेन एक्शन पर आधारित चित्र एवं अभिलेख प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने शहीद स्मारक प्रांगण में ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान के तहत पौधरोपण किया तथा फोटो बूथ पर सेल्फी ली। कार्यक्रम के दौरान भारतेन्दु नाट्य अकादमी के कलाकारों ने नाट्य प्रस्तुति दी।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि 09 अगस्त, 1925 को काकोरी में पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ, चन्द्रशेखर आजाद, राजेन्द्र प्रसाद लाहिड़ी जैसे महान क्रान्तिकारियों ने उस खजाने को अपने कब्जे में लेने का कार्य किया, जिस गाढ़ी कमाई को अंग्रेजों ने हड़प लिया था। जिन क्रान्तिकारियों ने अपना पूरा जीवन भारत माता के लिए समर्पित कर दिया था, उनमें काशी में जन्में श्री शचीन्द्रनाथ बख्शी तथा श्री मनमोहननाथ गुप्त को आजीवन कारावास की सजा हुई। उनकी जागीर ब्रिटिश शासन ने जब्त कर ली थी। पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ और राजेन्द्र प्रसाद लाहिड़ी, इन सभी महान क्रान्तिकारियों को क्रमशः गोरखपुर, प्रयागराज, फैजाबाद तथा गोण्डा में फांसी दी गई।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि चन्द्रशेखर आजाद ने कहा था कि ‘आजाद हमेशा आजाद रहेगा।’ वह अंतिम दम तक वे अंग्रेजों से लड़ते-लड़ते प्रयागराज की धरती पर शहादत को प्राप्त हुए। क्रान्तिकारियों का उद्देश्य गुलामी की बेड़ियों को तोड़कर, भारत को स्वतंत्र कराना था। काकोरी में घटित इस घटना को ब्रिटिश शासन ने डकैती कहा था। दुर्भाग्य से स्वतंत्र भारत में भी जिन लोगों के हाथों में सत्ता आयी, उन्होंने भी काकोरी डकैती काण्ड के नाम पर इस घटना के क्रान्तिकारियों को अपमानित करने का काम किया था।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि भारत ऐसे ही गुलाम नहीं हुआ। भारत की गुलामी के कारण हमारी आपसी फूट व षड्यंत्र थे। आज भारत को कमजोर करने वाली ताकतें जाति, क्षेत्र, भाषा के नाम पर लगातार फूट डालने का कार्य कर रही हैं। इन राष्ट्र विरोधी ताकतों द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का दुरुपयोग किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री जी ने कहा कि जिन लोगों ने आपको अपने क्रांतिकारियों व नायकों से दूर रखा, उन्होंने भारत की युवा पीढ़ी के साथ सबसे बड़ा अन्याय किया। नायकों पर गौरव की अनुभूति का अवसर न देना युवा पीढ़ी को आदर्श, गौरव और प्रेरणा से विमुख करने जैसा है। आजादी के बाद जिन लोगों ने सत्ता सम्भाली, उन लोगों ने क्रान्तिकारियों को अपमानित करने का पाप किया। काकोरी के शहीदों के अलावा चन्द्रशेखर आजाद, वीर सावरकर, भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, रानी लक्ष्मीबाई, वीरांगना ऊदादेवी पासी, अवन्तीबाई, झलकारीबाई के नाम पर कोई स्मारक न बने, लोग इनका नाम भी न जानने पाएं, इसलिए इन क्रान्तिकारियों के नाम पर संस्थाओं का नाम नहीं रखा गया। आजादी के बाद भी इसके लिए लगातार साजिशें की गईं।
मुख्यमंत्री जी ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने आजादी के नायकों को सम्मान देने का कार्य किया। बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर से जुड़े पंच तीर्थ, वीर सावरकर, रामप्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, अशफाक उल्ला खाँ के स्मारकों से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ाया गया। काकोरी की घटना को काकोरी ट्रेन एक्शन नाम देकर क्रान्तिकारियों को सम्मान दिया। इन क्रान्तिकारियों के नाम पर अब डाक टिकट जारी हो रहे और संस्थाओं के नाम रखे जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री जी ने जनता का आह्वान किया कि हम सभी क्रान्तिकारियों को खोजें। हमारे गाँव, क्षेत्र, जनपद आदि में अनेक गुमनाम नायक होंगे, जिन्होंने ‘तेरा वैभव अमर रहे माँ, हम दिन चार रहें न रहें’ के भाव के साथ आजादी के लिए सर्वस्व समर्पित किया। आजादी के बाद सत्तालोलुप लोगों ने अपने वैभव को देखा। क्रान्तिकारियों को भुला दिया गया, उन्हें पाठ्यक्रमों में स्थान नहीं दिया गया। देश, समाज के खिलाफ षड्यंत्र हुआ और फिर से बाँटने की साजिश प्रारम्भ कर दी गई। मुख्यमंत्री जी ने अपील की कि क्रान्तिकारियों तथा स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से जुड़ी बिखरी सामग्री को एकत्र करें। उनसे जुड़े स्मारकों की मरम्मत-सौन्दर्यीकरण से जुड़ें और पुष्पांजलि देकर उनके प्रति सम्मान व्यक्त करें।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि क्रान्तिकारियों के लिए देश की आजादी की लड़ाई सर्वोपरि थी। उनकी स्मृति को जीवन्त बनाए रखने के लिए काकोरी में शताब्दी महोत्सव का आयोजन किया गया। एक वर्ष में क्रान्तिकारियों की स्मृतियों में अनेक कार्यक्रम किए गए। काकोरी ट्रेन एक्शन से जुड़े परिवारों की वर्तमान पीढ़ी और देश की सुरक्षा के लिए बलिदान देने वाले वीर सैनिकों के परिजनों को भी सम्मान दिया गया है।
मुख्यमंत्री जी ने आह्वान किया कि विकसित व आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तब साकार होगी, जब सभी के मन में राष्ट्र सर्वोपरि का भाव होगा। अपनी मातृभूमि, भाषा, स्वदेशी उत्पादों को लेकर लोगों को जागरूक करें। 15 अगस्त को स्वाधीनता दिवस है। इस दौरान हर घर में तिरंगा फहराना चाहिए और प्रत्येक संस्था में वन्दे मातरम् का गान होना चाहिए।
उप मुख्यमंत्री श्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों और सेनानियों के संघर्ष और बलिदान के कारण ही देश अंग्रेजों की पराधीनता से मुक्त हुआ है। 09 अगस्त सम्पूर्ण क्रान्ति की शुरुआत का दिन है। अनेक बलिदानों की श्रृंखला इसी दिन से प्रारम्भ हुई।
उप मुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि आजादी के लिए सर्व समाज के लोगों ने बलिदान दिया। काकोरी ट्रेन एक्शन दिवस के इस भव्य एवं गरिमामय समारोह में उपस्थित सभी लोगों को स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के त्याग का स्मरण करना चाहिए। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने अपनी जान की बाजी लगाकर देश को आजादी दिलाई। प्रत्येक बच्चे और विद्यार्थी को यहां से यह प्रण लेकर जाना चाहिए कि जिन स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमकर देश को आजादी दिलाई, उनके बलिदान को हमेशा याद रखा जाए।
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री जयवीर सिंह ने कहा कि काकोरी की यह वही पवित्र भूमि है, जहाँ अमर बलिदानियों ने अपना सर्वस्व न्योछावर किया था। काकोरी ट्रेन एक्शन में देश के सपूतों ने भारत को अंग्रेजों की बेड़ियों से मुक्त कराने के लिए संघर्ष किया। नई पीढ़ी तक राष्ट्रीय गौरव और महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों का संदेश पहुंचाने की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रतिवर्ष 09 अगस्त को इस पावन धरती पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को सम्मान देने का कार्य किया जाता है।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधिगण, शहीदों के परिजन, छात्र-छात्राएँ सहित अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।