
दिल में काबा… गाकर मचा बवाल!
इंडिया Live: पश्चिम बंगाल की राजनीति में इन दिनों एक गाना जबरदस्त चर्चा का विषय बना हुआ है। “हृदय माझे काबा, नयने मदीना” — यानी दिल में काबा और आंखों में मदीना। यह गीत अब चुनावी मंचों तक पहुंच चुका है और इसके चलते सियासी घमासान तेज हो गया है।
दरअसल, सायनी घोष, जो तृणमूल कांग्रेस की सांसद हैं, वे पश्चिम बंगाल की चुनावी रैलियों में यह गीत गुनगुनाती नजर आ रही हैं। कई जगहों पर उन्होंने मंच से पूरा गाना भी गाया, जिसके वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
इन वीडियो के सामने आने के बाद राजनीति भी गरमा गई है। भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को जोर-शोर से उठाया है। बीजेपी का आरोप है कि यह सब “मुस्लिम तुष्टीकरण” की राजनीति का हिस्सा है। पार्टी के नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर वीडियो शेयर करते हुए सवाल उठाए हैं कि आखिर चुनाव के समय इस तरह के गाने क्यों गाए जा रहे हैं।

वहीं दूसरी ओर, तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों का कहना है कि यह बंगाल की संस्कृति और विविधता का हिस्सा है, जहां सभी धर्मों का सम्मान किया जाता है। उनका तर्क है कि किसी गीत को गाने को राजनीतिक रंग देना सही नहीं है।
सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर बहस छिड़ गई है। कुछ लोग इसे धार्मिक भावनाओं से जोड़कर देख रहे हैं, तो कुछ इसे चुनावी रणनीति मान रहे हैं। कई यूजर्स यह सवाल उठा रहे हैं कि जहां बंगाल में काली और दुर्गा पूजा की गहरी परंपरा है, वहां इस तरह का गीत चुनावी मंच पर गाना क्या संदेश देता है।

इस पूरे विवाद के बीच एक बात साफ है कि पश्चिम बंगाल का चुनावी माहौल अब और ज्यादा गरमाता जा रहा है। हर बयान, हर वीडियो और हर मंचीय गतिविधि पर कड़ी नजर रखी जा रही है।
अब देखना होगा कि यह मुद्दा आने वाले दिनों में चुनावी नतीजों को कितना प्रभावित करता है, और क्या यह बहस और आगे बढ़ती है या यहीं थम जाती है।