
बहराइच: जनपद के जिलाधिकारी डॉo दिनेश चंद्र के प्रयास से जनपदवासियों चिकित्सा के क्षेत्र में बेहतर सुविधाएं मिल रही डीएम की इस मुहिम में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉo सतीश कुमार सिंह और उनकी पूरी टीम का सराहनीय योगदान है।इंडो-नेपाल सीमा पर बसे भारत का आखिरी गांव बलई की 34 वर्षीय सोनी के शरीर में दाद रोग हो गया था। तीन वर्ष तक निजी चिकित्सकों व झाड़फूँक से राहत नहीं मिली तो वह गांव में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर की सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) सुचिता वर्मा से मिलीं। सीएचओ ने ई-संजीवनी ओपीडी के माध्यम से केजीएमयू लखनऊ के विशेषज्ञ से परामर्श दिलाया और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर से ही दवा भी दी। एक माह इलाज के बाद सोनी स्वस्थ हो गई। वहीं पास के ही गांव पौड़ा मेड़किहा के बैजू यादव, 65 वर्ष को उच्च रक्तचाप की शिकायत थी। ई संजीवनी ओपीडी के जरिए इलाज चल रहा है। बैजू यादव कहते हैं कि मुझे इस सुविधा से इतना लाभ हुआ कि पड़ोस के लोगों को भी निःशुल्क सेवा लेने की सलाह दी। कई लोग स्वस्थ भी हो चुके हैं।