
लखनऊ में ऐतिहासिक चुप ताज़िया जुलूस, अक़ीदत से निकला जुलूस।
LUCKNOW MOHARRAM NEWS: लखनऊ में ऐतिहासिक ताज़िया का जुलूस बेहद अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में निकाला गया। जुलूस में बड़ी संख्या में ज़ायरीन और अकीदतमंद शामिल हुए। सुबह करीब साढ़े पांच बजे नाज़िम साहब इमामबाड़ा से जुलूस बरामद हुआ। जैसे-जैसे जुलूस आगे बढ़ा, रास्ते में बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल होते गए और जुलूस का माहौल पूरी तरह अकीदत से सराबोर नजर आया।
जुलूस नाज़िम साहब इमामबाड़ा से निकलकर विक्टोरिया स्ट्रीट, अकबरी गेट और नक्खास समेत शहर के कई प्रमुख रास्तों से होकर गुजरा। इसके बाद जुलूस बिल्लौचपुरा, अशर्फाबाद और गिरधारी सिंह इंटर कॉलेज के रास्ते आगे बढ़ा। जुलूस में शामिल लोगों ने पूरे अनुशासन के साथ अपनी मंजिल की ओर कदम बढ़ाए। अलग-अलग इलाकों से आए ज़ायरीन और अकीदतमंद भी जुलूस में शामिल होते रहे।
जुलूस आगे बढ़ते हुए मंसूर नगर तिराहे से होकर सआदतगंज स्थित रोज़ा-ए-काज़मैन पहुंचा। पूरे रास्ते लोगों की मौजूदगी और सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। प्रशासन ने जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए पहले से ही व्यापक इंतजाम किए थे। सुरक्षा को देखते हुए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।
लखनऊ में जुलूस के दौरान यातायात व्यवस्था को बनाए रखने के लिए आठ प्रमुख रास्तों पर डायवर्जन लागू किया गया। मेडिकल चौराहा, नक्खास, विक्टोरियागंज और मंसूर नगर मार्ग पर वाहनों की आवाजाही को रोका गया।

पुलिसकर्मी जगह-जगह मौजूद रहे और लोगों को वैकल्पिक रास्तों की जानकारी देते नजर आए। प्रशासन का मकसद था कि जुलूस के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो और यातायात व्यवस्था भी सुचारू बनी रहे।
वाहनों के लिए मेडिकल कॉलेज, कोनेश्वर, यहियागंज और कैंपवेल रोड से वैकल्पिक मार्ग तय किए गए थे। लोगों से अपील की गई कि जुलूस के दौरान इन वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें

लखनऊ में निकला यह ऐतिहासिक ताज़िया जुलूस शहर की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा से जुड़ा हुआ आयोजन रहा। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी के बीच जुलूस अपने निर्धारित रास्तों से होकर आगे बढ़ा। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराया गया।