
Iran-US War खत्म होगा? Pakistan में बड़ा प्लान?
IRAN-US WAR: ईरान-अमेरिका तनाव के बीच एक बड़ी कूटनीतिक हलचल देखने को मिल रही है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi पाकिस्तान की राजधानी Islamabad पहुंच चुके हैं, जहां संभावित सीजफायर को लेकर चर्चाओं की अटकलें तेज हो गई हैं। सवाल यह उठ रहा है कि क्या यहां अमेरिका और ईरान आमने-सामने बैठकर किसी समझौते की दिशा में कदम बढ़ाएंगे, या यह केवल एक प्रारंभिक कूटनीतिक पहल है।

पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने ईरानी प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने की पुष्टि की। खास बात यह रही कि इस दौरान पाकिस्तान की सैन्य और राजनीतिक नेतृत्व की पूरी मौजूदगी देखने को मिली। फील्ड मार्शल Asim Munir और गृह मंत्री Mohsin Naqvi ने भी एयरपोर्ट पर ईरानी डेलिगेशन का स्वागत किया, जो इस मुलाकात की अहमियत को दर्शाता है।
इधर, इस्लामाबाद पहुंचते ही ईरान की ओर से एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है, जिसमें साफ संकेत दिए गए हैं कि ईरान अपनी शर्तों पर ही किसी भी बातचीत को आगे बढ़ाएगा। ईरानी पक्ष ने यह भी कहा है कि जब तक उनके राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा को पूरी तरह सुनिश्चित नहीं किया जाता, तब तक किसी भी सीजफायर या समझौते पर सहमति संभव नहीं है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या अमेरिका भी इस बातचीत में शामिल होगा। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का नाम भी चर्चा में है, और यह कयास लगाए जा रहे हैं कि उनकी ओर से कोई प्रतिनिधि पाकिस्तान भेजा जा सकता है। हालांकि, अभी तक इस बात की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान इस पूरे घटनाक्रम में एक मध्यस्थ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। उसकी कोशिश है कि वह क्षेत्रीय तनाव को कम करने में अपनी भूमिका को मजबूत करे और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी कूटनीतिक स्थिति को बेहतर बनाए।
फिलहाल, इस बैठक को लेकर पूरी दुनिया की नजरें Pakistan पर टिकी हुई हैं। क्या यह मुलाकात किसी बड़े समझौते की शुरुआत बनेगी या फिर सिर्फ बयानबाजी तक सीमित रह जाएगी—यह आने वाले समय में ही साफ हो पाएगा। लेकिन इतना तय है कि इस घटनाक्रम ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में एक नई हलचल जरूर पैदा कर दी है।