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KUWAIT AIRPORT पर बड़ा हमला!

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KUWAIT AIRPORT पर बड़ा हमला!

KUWAIT INTERNATIONAL AIRPORT:  मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए ड्रोन और मिसाइल हमले ने पूरे क्षेत्र को हिला कर रख दिया है। बुधवार को हुए इस हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 60 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। मृतक की पहचान एक भारतीय नागरिक के रूप में हुई है, जिसकी मौत की पुष्टि भारत के दूतावास ने भी की है। हमले के बाद एयरपोर्ट के एक टर्मिनल को भारी नुकसान पहुंचा और कुछ समय के लिए उड़ान सेवाएं भी प्रभावित हुईं।

इस हमले ने अमेरिका और ईरान के बीच पहले से चल रहे तनाव को और बढ़ा दिया है। कुवैती अधिकारियों ने इस हमले को ईरान से जुड़ी कार्रवाई बताया है, जबकि ईरान ने सीधे तौर पर जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की और अलग-अलग दावे किए हैं। वहीं अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने ईरान पर गंभीर आरोप लगाए हैं और इसे क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ा खतरा बताया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक सुबह एयरपोर्ट परिसर में अचानक जोरदार धमाका हुआ। कुछ ही सेकंड में धुएं का विशाल गुबार आसमान में उठता दिखाई दिया। एयरपोर्ट पर मौजूद यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने तत्काल पूरे इलाके को घेर लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में टर्मिनल के पास विस्फोट और लोगों को भागते हुए देखा जा सकता है

सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष को रोकने की कोशिशें चल रही थीं। हाल के महीनों में खाड़ी क्षेत्र में कई सैन्य घटनाएं सामने आई हैं और कुवैत, बहरीन, कतर तथा अन्य देशों की सुरक्षा को लेकर चिंता लगातार बढ़ती जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात और बिगड़े तो पूरा गल्फ क्षेत्र एक बड़े सैन्य संघर्ष की चपेट में आ सकता है।

इस हमले के बाद दुनिया की नजर अब होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Hormuz Strait पर भी टिक गई है। वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा इसी समुद्री मार्ग से गुजरता है। अगर क्षेत्रीय तनाव बढ़ता है और समुद्री रास्ते प्रभावित होते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भारी उथल-पुथल देखने को मिल सकती है। इसके असर से दुनिया भर में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ सकता है।

भारत के लिए भी यह मामला बेहद अहम माना जा रहा है। खाड़ी देशों में लाखों भारतीय काम करते हैं और भारत अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस क्षेत्र पर काफी हद तक निर्भर है। ऐसे में कुवैत एयरपोर्ट पर हुए इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत ने नई चिंताएं पैदा कर दी हैं। भारतीय दूतावास ने मृतक के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का भरोसा दिया है।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या कुवैत एयरपोर्ट पर हुआ यह हमला अमेरिका और ईरान के बीच किसी बड़े टकराव की शुरुआत है? क्या मिडिल ईस्ट एक नई जंग की तरफ बढ़ रहा है? और अगर ऐसा हुआ तो इसका असर सिर्फ खाड़ी देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर पड़ेगा। फिलहाल दुनिया भर की सरकारें हालात पर नजर बनाए हुए हैं और सभी की निगाहें अमेरिका और ईरान की अगली रणनीति पर टिकी हुई हैं।

 

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