
क्या डॉलर के मुक़ाबले रुपया शतक पार होने वाला हैं
ECONOMIC DESK NEWS: डॉलर के मुकाबले रुपया ऐतिहासिक गिरावट के दौर से गुजर रहा है और यह रिकॉर्ड स्तर (96.50 से 97 के बीच) तक फिसलने के कारण रुपये के शतक (₹100 प्रति डॉलर) तक पहुँचने की अटकलें तेज़ हो गई हैं। आप Trading Economics पर रुपये-डॉलर के लाइव एक्सचेंज रेट की जाँच कर सकते हैं।
अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की गिरती कीमत एक बार फिर चर्चा में है। विदेशी निवेश की निकासी, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच सवाल उठने लगा है कि क्या डॉलर के मुकाबले रुपया जल्द ही 100 के आंकड़े को पार कर जाएगा।

फिलहाल रुपया लगातार दबाव में बना हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ती हैं तथा अमेरिका में ब्याज दरें ऊंची बनी रहती हैं, तो भारतीय मुद्रा पर असर और गहरा सकता है। इसके अलावा विदेशी निवेशकों द्वारा भारतीय बाजार से पैसा निकालना भी रुपये को कमजोर करने वाला बड़ा कारण माना जा रहा है।
हालांकि अर्थशास्त्रियों का एक वर्ग यह भी मानता है कि भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत ग्रोथ, बढ़ता विदेशी मुद्रा भंडार और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की सक्रिय रणनीति रुपये को बड़ी गिरावट से बचा सकती है। RBI समय-समय पर डॉलर बेचकर बाजार में हस्तक्षेप करता रहा है, ताकि रुपये में अत्यधिक उतार-चढ़ाव न हो।
अगर डॉलर 100 रुपये के स्तर तक पहुंचता है, तो इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ेगा। पेट्रोल-डीजल, इलेक्ट्रॉनिक्स, विदेश यात्रा और आयातित सामान महंगे हो सकते हैं। वहीं विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों और आयात पर निर्भर उद्योगों की लागत भी बढ़ जाएगी। हालांकि आईटी और निर्यात क्षेत्र की कंपनियों को इसका कुछ फायदा मिल सकता है, क्योंकि उन्हें डॉलर में कमाई होती है।
फिलहाल बाजार की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतियों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक आर्थिक हालात पर टिकी हुई है। ऐसे में यह कहना जल्दबाजी होगी कि डॉलर निश्चित रूप से 100 रुपये पार कर जाएगा, लेकिन आर्थिक विशेषज्ञ मानते हैं कि आने वाले महीनों में रुपये पर दबाव बना रह सकता है।