
इटली के बुर्का-नकाब बैन पर मौलाना यासूब अब्बास का कड़ा विरोध
LUCKNOW LIVE: इटली में स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव को लेकर ऑल इंडिया शिया पर्सनल लॉ बोर्ड के महासचिव एवं शिया धर्मगुरु मौलाना यासूब अब्बास ने प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता और आस्था के अधिकार का सम्मान किए जाने की बात कही।
मौलाना यासूब अब्बास ने कहा कि किसी भी व्यक्ति को अपने धर्म और आस्था के अनुरूप जीवन जीने का अधिकार होना चाहिए। धार्मिक पहचान से जुड़े पहनावे पर प्रतिबंध लगाने जैसे कदम संवेदनशील विषय हैं और इन पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि हिजाब मुस्लिम महिलाओं के लिए धार्मिक आस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके मुताबिक, पर्दे में रहकर महिलाएं शिक्षा, नौकरी, व्यापार और समाज के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं। इसलिए किसी महिला के धार्मिक पहनावे को उसकी प्रगति में बाधा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए।
मौलाना ने कहा कि दुनिया के अलग-अलग देशों में विभिन्न धर्मों के लोग अपनी धार्मिक पहचान के साथ जीवन जीते हैं। ऐसे में सभी धर्मों और उनकी आस्थाओं का समान रूप से सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने उम्मीद जताई कि इटली में इस मुद्दे पर संवाद और आपसी समझ के जरिए ऐसा रास्ता निकलेगा, जिससे धार्मिक स्वतंत्रता और सामाजिक व्यवस्था के बीच संतुलन कायम रहे।

गौरतलब है कि इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने 20 सितंबर को स्कूलों में बुर्का और नकाब पर प्रतिबंध तथा कक्षाओं में विदेशी छात्रों की संख्या सीमित करने की योजना की घोषणा की थी। प्रस्ताव को अभी सरकार और संसद की प्रक्रिया से गुजरना है।