
बिहार में NDA का शक्ति प्रदर्शन, सम्राट सरकार का बड़ा कैबिनेट विस्तार
PATNA LIVE:बिहार की राजनीति में आज एक नया और बेहद अहम अध्याय जुड़ गया, जहां मुख्यमंत्री Samrat Choudhary के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार का पहला बड़ा कैबिनेट विस्तार पटना के ऐतिहासिक Gandhi Maidan में भव्य तरीके से संपन्न हुआ। इस शपथ ग्रहण समारोह ने सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि राष्ट्रीय राजनीति का भी ध्यान अपनी ओर खींच लिया। हजारों कार्यकर्ताओं और समर्थकों की मौजूदगी में आयोजित इस कार्यक्रम में एनडीए गठबंधन की एकजुटता और शक्ति प्रदर्शन साफ देखने को मिला। समारोह के दौरान पूरा गांधी मैदान भाजपा और एनडीए समर्थकों के नारों से गूंज उठा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे इलाके को हाई सिक्योरिटी जोन में तब्दील कर दिया गया था।
इस खास मौके पर प्रधानमंत्री Narendra Modi, गृह मंत्री Amit Shah और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष Nitin Nabin विशेष रूप से मौजूद रहे। जैसे ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंच पर पहुंचे, पूरा मैदान “मोदी-मोदी” के नारों से गूंज उठा। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक यह सिर्फ एक कैबिनेट विस्तार नहीं बल्कि आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव से पहले एनडीए का बड़ा शक्ति प्रदर्शन माना जा रहा है। बीजेपी नेतृत्व ने इस कार्यक्रम के जरिए यह संदेश देने की कोशिश की कि बिहार में एनडीए पूरी तरह एकजुट है और विकास के एजेंडे के साथ आगे बढ़ रही है।
आज हुए इस विस्तार में भाजपा और जनता दल यूनाइटेड यानी जदयू के साथ-साथ Chirag Paswan की एलजेपी (रामविलास), Jitan Ram Manjhi की हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा और राष्ट्रीय लोक मोर्चा के विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली। इस कैबिनेट विस्तार में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन का विशेष ध्यान रखा गया। पिछड़ा वर्ग, अति पिछड़ा, दलित और युवा चेहरों को प्राथमिकता देकर एनडीए ने साफ संकेत दिया है कि वह हर सामाजिक वर्ग को साथ लेकर चुनावी मैदान में उतरना चाहती है। कई नए चेहरों को पहली बार मंत्री बनने का मौका मिला, जबकि कुछ अनुभवी नेताओं की भी सरकार में वापसी हुई है।
राजभवन की औपचारिक प्रक्रिया के बाद जब मंत्रियों ने मंच से शपथ ली, तब समर्थकों में भारी उत्साह देखने को मिला। समारोह में एनडीए के सभी सहयोगी दलों के बड़े नेताओं की मौजूदगी ने गठबंधन की मजबूती को और स्पष्ट किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस कैबिनेट विस्तार के जरिए मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपनी टीम को चुनावी मोड में तैयार करना शुरू कर दिया है। खास तौर पर युवाओं और नए वोटर्स को ध्यान में रखते हुए कई ऐसे चेहरों को जगह दी गई है जिनकी जमीनी पकड़ मजबूत मानी जाती है।
हालांकि विपक्ष ने इस पूरे आयोजन पर सवाल उठाए हैं। राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि बिहार में बेरोजगारी, अपराध और विकास जैसे मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए भव्य राजनीतिक कार्यक्रम आयोजित किया गया। विपक्ष का कहना है कि सिर्फ कैबिनेट विस्तार से बिहार की समस्याएं खत्म नहीं होंगी। दूसरी ओर एनडीए नेताओं ने जवाब देते हुए कहा कि यह “विकास और स्थिरता की सरकार” है और नए मंत्रियों के शामिल होने से प्रशासनिक कामकाज को और गति मिलेगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में बिहार के विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, रोजगार और किसानों के मुद्दों पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केंद्र और बिहार सरकार मिलकर राज्य को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का काम कर रही हैं। वहीं गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि एनडीए सरकार बिहार में सुशासन और विकास की राजनीति को आगे बढ़ा रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी अपने संबोधन में कहा कि उनकी सरकार का लक्ष्य “विकसित बिहार” बनाना है और कैबिनेट विस्तार उसी दिशा में एक मजबूत कदम है।
इस कैबिनेट विस्तार के बाद अब बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने शुरू हो गए हैं। कौन सा मंत्री किस विभाग की जिम्मेदारी संभालेगा, इस पर भी चर्चा तेज हो गई है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति पूरी तरह चुनावी रंग में नजर आएगी और आज का यह शक्ति प्रदर्शन उसी अभियान की शुरुआत माना जा रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि नई टीम बिहार की जनता की उम्मीदों पर कितना खरा उतर पाती है और क्या यह कैबिनेट विस्तार एनडीए को राजनीतिक रूप से और मजबूत बना पाएगा।