
ओवैसी का अखिलेश-राहुल को खुला निमंत्रण!
UTTAR PRADESH LIVE: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने विपक्षी दलों को गठबंधन का खुला प्रस्ताव दिया है। ओवैसी ने कहा कि अगर कोई दल उत्तर प्रदेश में बीजेपी की सरकार को दोबारा बनने से रोकना चाहता है, तो वह एआईएमआईएम से बातचीत कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार है।
ओवैसी ने खास तौर पर इस बात पर जोर दिया कि कोई भी विपक्षी दल अकेले बीजेपी का मुकाबला नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि आने वाला 2027 का यूपी विधानसभा चुनाव पिछले चुनावों जैसा नहीं होगा और सभी दलों को मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों को ध्यान में रखकर रणनीति बनानी होगी। ओवैसी ने यह भी कहा कि उनकी पार्टी गठबंधन को लेकर 2 अक्टूबर तक इंतजार करेगी।

ओवैसी के इस बयान को समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के लिए भी एक राजनीतिक संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि, अखिलेश यादव या राहुल गांधी की ओर से इस ताजा प्रस्ताव पर कोई अंतिम गठबंधन घोषणा सामने नहीं आई है। इससे पहले कांग्रेस की ओर से सपा के साथ मिलकर 2027 का चुनाव लड़ने की इच्छा जरूर सार्वजनिक रूप से व्यक्त की गई थी। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा था कि उनकी राय में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को साथ चुनाव लड़ना चाहिए, लेकिन अंतिम फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा।

ओवैसी ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी के पिछले शासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने 2013 के मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र करते हुए सपा सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाया और मुस्लिम समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व का मुद्दा भी उठाया। वहीं बीजेपी सरकार को लेकर उन्होंने कानून-व्यवस्था, बिजली, जमीन से जुड़े विवाद और सरकार के कथित तौर पर पूरे न हुए वादों को आगामी चुनाव के मुद्दों में शामिल किया। ये ओवैसी द्वारा रखे गए राजनीतिक दावे और मुद्दे हैं।

ओवैसी ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश में मुस्लिम समाज को विधानसभा में राजनीतिक आवाज की जरूरत है और इसी वजह से एआईएमआईएम अपनी राजनीतिक मौजूदगी मजबूत करने की कोशिश कर रही है। साथ ही उन्होंने मायावती और जयंत चौधरी जैसे नेताओं को लेकर भी अपनी राय रखी और अलग-अलग विपक्षी दलों से बातचीत की संभावना खुली रखने की बात कही।

अब बड़ा सवाल यह है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी दलों के बीच सीटों और गठबंधन को लेकर क्या तस्वीर बनती है। ओवैसी ने जहां बातचीत का प्रस्ताव रखा है, वहीं कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन को लेकर भी चर्चाएं जारी हैं। फिलहाल किसी व्यापक गठबंधन की अंतिम तस्वीर सामने नहीं आई है। इसलिए आने वाले महीनों में सीटों, गठबंधन और चुनावी रणनीति को लेकर होने वाली राजनीतिक बातचीत पर सबकी नजर रहेगी।