
ब्लॉक प्रमुख पद के लिए सत्ताधारी दल के नेताओं में होगी जबरदस्त भिड़ंत

प्रयागराज : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के सोमवार को आए बीडीसी सदस्य के परिणाम के बाद बहादुरपुर ब्लॉक में प्रमुख पद की दावेदारी की तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। सबसे ज्यादा रस्साकसी सत्ताधारी दल भाजपा में है। बहादुरपुर विकास खंड से ब्लाक प्रमुख पद पर निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख अरुणेंद्र यादव डब्बू के अलावा पूर्व जिला पंचायत सदस्य एवं नवनिर्वाचित बीडीसी सदस्य अनिरुद्घ सिंह पटेल और पवन द्विवेदी भी टिकट के दावेदारों में शामिल हो गए हैं। इनके अलावा तीन और बीडीसी भी भाजपा से टिकट के दावेदार हैं। इसी प्रकार समाजवादी पार्टी से भी कई बीडीसी सदस्य टिकट की दावेदारी को मैदान में आकर डट गए हैं।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के बाद अब ब्लाक प्रमुख पद के लिए चुनाव होगा। पंचायत चुनाव में जीत दर्ज करने वाले बीडीसी सदस्य ही भावी ब्लाक प्रमुख का चुनाव करेंगे। बहादुरपुर ब्लॉक में कुल 93 बीडीसी सदस्य भावी ब्लॉक प्रमुख चुनेंगे। बीडीसी ही ब्लॉक प्रमुख पद के चुनाव में भी उतरते हैं। भावी ब्लॉक प्रमुख की दौड़ में शामिल होने वाले बीडीसी प्रत्याशियों में कइयों ने निर्विरोध निर्वाचित होने के लिए पूरी ताकत झोंक दी थी। पर निवर्तमान ब्लॉक प्रमुख अरुणेंद्र और उनके भाई के अलावा कोई भी निर्विरोध जीत हासिल नहीं कर सका। नई झूंसी स्थित नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर सोमवार को 270 लोगों ने कोरोना की वैक्सीन लगवाई। फार्मासिस्ट एनके राणा ने बताया कि सोमवार को 18 से 44 वर्ष के 180 तथा 44 वर्ष से ऊपर वाले 90 लोगों का टीकाकरण किया गया। टीकाकरण के लिए सुबह से ही लोग नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर जमा हो गए थे। बहादुरपुर विकास खंड के देवरिया ग्रामसभा में मात्र एक वोट से ग्राम प्रधान का निर्वाचन किया गया है। इस ग्रामसभा से सचिन एक वोट से विजयी होकर ग्राम प्रधान चुने गए हैं। सचिन को पहले पांच वोटों से विजयी घोषित किया था। रिकाउंटिंग की मांग पर सचिन ने एक वोट से जीत दर्ज की। इसी प्रकार मेडुआ ग्रामसभा से ममता यादव दस वोटों से जीत हासिल की हैं।
तीमारदारों के लिए संघ का आश्रय स्थल सहारा बन गया है।

प्रयागराज : वैश्विक महामारी कोविड-19 के इस दौर में मरीजों को अस्पतालों में भर्ती कराने के बाद भटक रहे उनके तीमारदारों के लिए संघ का आश्रय स्थल सहारा बन गया है। आरएसएस के सेवा विभाग प्रयाग महानगर की ओर से स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल के पास स्थित आदर्श उत्तर प्रदेश माध्यमिक विद्यालय सीपीआई परिसर में तीमारदारों के रहने के लिए सात कमरों 50 बेड की व्यवस्था की गई है। खास बात यह कि इस आश्रय स्थल में तीमारदारों को भोजन के साथ काढ़ा भी संघ उपलब्ध करवा रहा है। सोमवार को आश्रय स्थल का उद्घाटन आरएसएस के प्रांत सेवा प्रमुख नागेंद्र द्वारा किया गया।
आश्रय स्थल के उद्घाटन के बाद ही यहां फतेहपुर जिले के मुराइन टोला मोहल्ले के दो युवक स्वयंसेवकों को भटकते हुए दिखे। योगेश और विकास नाम के युवक से हुई बातचीत में मालूम पड़ा कि उन्होंने अपने 55 वर्षीय पिता शिव बरन सिंह को स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में भर्ती करवाया। उसके बाद उनके सामने समस्या आई कि वह अब कहां रुके। अस्पताल से बाहर निकलकर भटकते हुये वह सीपीआई गेट पर अचानक पहुंच गए। वहां गेट के फर्श पर दोनों भाई का निराश बैठा देख संघ के स्वयंसेवक आए और उन्हें अंदर ले गए। वहां बताया गया कि उन जैसे जरूरतमंद लोगों के लिए ही 50 बेड का आश्रय स्थल बना है। आश्रय स्थल के बेड पर बैठे दोनों भाइयों ने बताया कि उनके पिता श्री शिवबरन सिंह को फेफड़े में इंफेक्शन बढ़ गया। फतेहपुर में उसका समुचित इलाज ना होने पर उन्हें यहां लाना पड़ा।
इसके पूर्व सुबह 11 बजे सीपीआई प्रांगण में सुबह 11 बजे भारत माता के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर आश्रय स्थल का औपचारिक उद्घाटन हुआ। यहां प्रांत सेवा प्रमुख ने कहा कि स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल में इस समय 400 मरीज कोविड-19 भर्ती हैं जो भी तीमारदार अपनी निगेटिव रिपोर्ट लेकर आएंगे उन्हें यहां पूरे सम्मान के साथ रखा जाएगा। आश्रय स्थल में महिलाओं पुरुषों के ठहरने की अलग-अलग व्यवस्था की गई है। सभी कक्षों को सेनीटाइज किया जाता है। तीमारदारों के लिए सुबह-शाम जलपान काढ़ा तथा दोपह एवं रात्रि में भोजन दिया जाएगा। इस अवसर पर प्रांत के विशेष संपर्क प्रमुख आलोक मालवीय, राकेश सेगर, डा. मुरारजी त्रिपाठी, वसु पाठक विभाग, अवधेश चंद, प्रेम सागर आदि मौजूद रहे।
संक्रमितों की संख्या घटी, मौतें भी हुईं कम

प्रयागराज : पहले दो दिन और अब हफ्ते में तीन दिन लगातार लॉकडाउन का असर दिखने लगा है। सोमवार को भी कोरोना मरीजों संख्या में कमी देखी गई। कुल 863 नए संक्रमित मिले हैं। मरने वालों की संख्या में भी कमी आई है। 12 लोगों की मौत हुई है जो रविवार के मुकाबले नौ कम है। कोरोना के नोडल ऑफिसर डॉ. ऋषि सहाय ने बताया कि सोमवार को 11770 लोगों की कोरोना की जांच कराई गई। इसमें 599 लोग शहर में संक्रमित पाए गए जबकि 186 लोग ग्रामीण इलाकों से हैं। शहर में एंटीजन से 112 और ग्रामीण क्षेत्र में 82 पॉजिटिव मिले हैं। जबकि आरटीपीसीआर जांच में शहर में 487 और ग्रामीण क्षेत्रों में 104 लोग संक्रमित पाए गए हैं। सोमवार को 7001 लोगों की एंटीजन जांच हुई। 4249 लोगों की आरटीपीसीआर जांच हुई। इसके अलावा 239 की ट्र्ूनॉट से जांच हुई थी। पॉजिटिव पाए जाने वालों में कुछ लोगों को अस्पतालों में भी भर्ती कराया गया है। जबकि बेड न मिलने की वजह से दो-तीन फीसदी लोगों को छोड़कर बाकी सब होम आइसोलेशन में ही हैं। जिले में लगातार संक्रमितों की संख्या में कमी आने की मुख्य वजह ट्रेसिंग बताई जा रही है। डॉ. ऋषि सहाय ने कहा कि पॉजिटिव आने वाले सभी सदस्यों और उनके अलग-बगल के घरों में रहने वाले लोगों की टेस्टिंग करवाकर अधिक से अधिक पॉजिटिव खोजे जा रहे हैं और आइसोलेट किए जा रहे हैं।
कोरोना के संक्रमण से सोमवार को 1597 लोग मुक्त हुए हैं। इनमें से 61 लोगों को स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली, रेलवे हॉस्पिटल और निजी अस्पतालों से छुट्टी दी गई। 61 लोगों को छुट्टी दिए जाने के बाद उनकी जगह पर तुरंत नए मरीज भर्ती कर लिए गए। लेकिन, अभी तकरीबन डेढ़ हजार से लोग ऐसे होंगे जिन्हें अस्पतालों में भर्ती होने की जरूरत है लेकिन कोविड अस्पताल फुल होने से वे होम आइसोलेशन मेें रहने को मजबूर हैं। बेड के लिए लोगों ने कंट्रोल रूम से लेकर सीएमओ दफ्तर तक संपर्क किया। स्वरूपरानी नेहरू चिकित्सालय, बेली और जहां उनसे बन पड़ा सभी कोविड अस्पतालों को टटोला लेकिन कहीं सहारा नहीं मिला। अंत में ऑक्सीजन का इंतजाम कर घर में ही पड़े रहे और पता लगाते रहे कि कहीं अगर बेड खाली हो तो भर्ती हो सकें।
वरिष्ठ पत्रकार डॉ.रामनरेश त्रिपाठी नहीं रहे, सीएम योगी ने जताया दुख

प्रयागराज : वरिष्ठ पत्रकार तथा भारतीय विद्या भवन के निदेशक डॉ.रामनरेश त्रिपाठी नहीं रहे। वह कोरोना से संक्रमित थे। इलाज के लिए उन्हें पहले एसआरएन और फिर नाजरेथ अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां सोमवार की दोपहर उन्होंने अंतिम सांस ली। वह 73 वर्ष के थे। कोविड प्रोटोकाल के मुताबिक देर शाम फाफामऊ घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। बेटे शशांक त्रिपाठी ने मुखाग्नि दी।
चित्रकूट के पांडेयपुर गांव में जन्मे रामनरेश त्रिपाठी ने कई अखबारों में महत्वपूर्ण पदों पर काम किया था। वर्ष 1971 में देशदूत से शुरुआत करने के बाद वह दैनिक जागरण के चीफ रिपोर्टर और फिर नवभारत टाइम्स के ब्यूरोचीफ भी रहे। उन्होंने ज्योतिष पेज के संपादन का दायित्व भी संभाला। वर्ष 2018 में संस्था गुफ्तगू के अध्यक्ष इम्तियाज अहमद गाजी की ओर से उन्हें ‘शान-ए-इलाहाबाद सम्मान’ से नवाजा गया था।
वह इलाहाबाद न्यूज रिपोटर्स क्लब के संस्थापक सचिव भी रहे। पत्रकारिता के अतिरिक्त वह ज्योतिष के भी अच्छे ज्ञाता थे। उन्होंने पत्रकारिता सहित ज्योतिष, कुंभ पर भी किताबें लिखीं। उन्होंने कुंभ मेलों में चार बार ज्योतिष कुंभ कराया था। वह यूपी जर्नलिस्ट्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष, नेशनल यूनियन आफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सहित मान्यता कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष भी रहे। वह अमेरिकी विश्वविद्यालय के विजिटिंग प्रोफेसर, भारतीय विद्या भवन के क्षेत्रीय निदेशक और भरवारी के भवंस मेहता महाविद्यालय के प्रशासक भी रहे।
जिला पंचायत की कई सीटों पर अपनों से ही झटका खा गए भाजपा समर्थित उम्मीदवार

प्रयागराज : जिला पंचायत सदस्य का चुनाव परिणाम भले ही अभी पूरा जारी न हुआ हो लेकिन सोमवार की रात तक तमाम सीटों के रुझान से भाजपा कई सीटों पर पीछे रह गई। यमुनापार एवं गंगा पार की कई सीटों पर भाजपा समर्थित उम्मीदवार को पार्टी की ही बागी उम्मीदवारों से टक्कर मिली। कई सीटों पर उम्मीद से कम वोट मिलने की वजह से मतगणना स्थल से भाजपा समर्थक उम्मीदवार अपने घर चले गए।
जिला पंचायत सदस्य की सभी 84 सीटों पर भारतीय जनता पार्टी ने अपने समर्थित उम्मीदवारों को खड़ा किया। पार्टी ने चुनाव प्रचार भी पूरे दमखम के साथ किया, लेकिन पंचायत सदस्य की मतगणना में सोमवार की रात तक प्राप्त आंकड़े के अनुसार पार्टी आशा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर सकी। यमुनापार की बात करें करछना ब्लॉक के सभी पांच वार्ड में पार्टी के समर्थित प्रत्याशी चुनाव नहीं जीत सके। यहां पार्टी के बागी उम्मीदवारों ने भी समर्थित प्रत्याशियों के वोट में सेंध लगा दी। करछना तृतीय वार्ड संख्या 54 से भाजपा समर्थित उम्मीदवार सुबोध सिंह चुनाव हार गए। इस सीट से राजेश पटेल को जीत मिली। बताया जा रहा है राजेश पटेल भाजपा से ही हैं।
इसके अलावा वार्ड 52 से कृष्णा कांत निषाद, 53 से त्रिवेणी प्रसाद पांडेय, 55 से सेवा लाल पटेल और वार्ड 56 से विष्णु प्रसाद शुक्ला को भी हार मिली।हालांकि वार्ड 59 कौंधियारा तृतीय से पार्टी समर्थित उम्मीदवार राजेश कनौजिया चुनाव जीत गए। वार्ड 69 मेजा द्वितीय से नीलम पटेल चुनाव जीत गई, जबकि वार्ड 76 मांडा द्वितीय पार्टी समर्थित उम्मीदवार सविता त्रिपाठी पीछे चल रही थी। इसी तरह वार्ड 79 कोरांव प्रथम में आरती देवी कोल की बढ़त रात दस बजे तकबनी हुई थी। उरुवा द्वितीय वार्ड से प्रतिमा शुक्ला पार्टी की दूसरी नेता आरती राज से हार गई। इसी तरह उरुवा प्रथम सीट भी भाजपा बागी प्रत्याशी की वजह से हार गई। वहीं दूसरी ओर जिला पंचायत अध्यक्ष रेखा सिंह वार्ड संख्या 77 मांडा तृतीय से अच्छी बढ़त बनाए हुए थी। वहीं गंगापार में वार्ड संख्या 13 हंडिया चतुर्थ से भाजपा के वीके सिंह ने चुनाव जीत लिया।