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आत्महत्या करने वाले कभी तरते नहीं है-राघवाचार्य

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असोहा,उन्नाव :  कलियुग केवल नाम अधारा,सुमिर सुमिर नर उत् रही पारा । कलियुग में केवल प्रभु का स्मरण ही भवसागर से पार कर सकता है और मनुष्य को सत मार्ग पर चलते हुए भगवत भजन करने चाहिए यही साथ जाएगा कुटी बीर बाबा में चल रहे पंचम हनुमत रुद्र महा यज्ञ व संत सम्मेलन में बिठूर से आए राघवाचार्य ने बताया असोहा क्षेत्र के कुटी बीर बाबा में संत सम्मेलन के दूसरे दिन बिठूर से आए राघवाचार्य ने श्रोताओं को संबोधित करते हुए कहा कि( भवाब्धी न तरेत स आत्महा) अर्थात आत्महत्या करने वाले कभी तरते नहीं है , मनुष्य शरीर पाने का फल विषय भोग नहीं है क्योंकि विषय भोग तो कुत्ता , सुकर योनि में भी प्राप्त हो जाता है, परन्तु सतसंग,भागवत,भजन तो मनुष्य योनि में ही सुलभ है ,और सुख तो स्वर्ग में भी स्थाई नहीं है बल्कि संचित पुण्य रूपी धन समाप्त होने पर पुनः कमाने के लिए इस प्रथ्वी लोक रूपी खेत उतरना पड़ता है

कार्यक्रम में पहुंचे भाजपा किसान मोर्चा के राष्ट्रीय मंत्री दिनेश दुबे का आयोजक ने अंग वस्त्र व प्रतीक चिन्ह देकर स्वागत किया ।कार्यक्रम में मुख्य रूप से बेद प्रकाश,संदीप शुक्ल,राम भरोसे,प्रताप सविता,त्रिभुवन त्रिपाठी,संदीप यादव,आजम खां,फिरोज अहमद,सुनील रावत,राकेश यादव,गुड्डू पाल सहित सैकड़ों क्षेत्रवासी उपस्थित रहे ।

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