
दिल्ली में स्वाइन फ्लू का बुरी तरह बढ़ता प्रकोप, H1N1 के 1,777 मामले सामने आए।
नई दिल्ली: राजधानी दिल्ली में स्वाइन फ्लू यानी H1N1 इन्फ्लुएंजा के मामलों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के मुताबिक 20 अगस्त 2026 तक H1N1 के 1,777 मामले सामने आ चुके हैं। अकेले 20 अगस्त को 114 नए H1N1 केस दर्ज किए गए।
इस बढ़ोतरी को देखते हुए दिल्ली में स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट किया गया है। अस्पतालों में फ्लू और सांस से जुड़ी गंभीर समस्याओं वाले मरीजों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। कुछ मरीजों में संक्रमण के कारण निमोनिया, ऑक्सीजन लेवल कम होने और गंभीर स्थिति में सांस लेने में परेशानी जैसी जटिलताएं सामने आई हैं। हालांकि, ज्यादातर मरीज इलाज के बाद ठीक हो रहे हैं।
दिल्ली में कितने मामले?
स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार 20 अगस्त तक दिल्ली में कुल 2,602 मौसमी इन्फ्लुएंजा के मामले सामने आए थे। इनमें 2,392 Influenza-A और 210 Influenza-B के मामले शामिल हैं। Influenza-A में H1N1 सबसे प्रमुख वायरस रहा है।
दिल्ली में पिछले साल इसी अवधि में H1N1 के 229 मामले दर्ज हुए थे। इस लिहाज से इस साल संक्रमण में कई गुना बढ़ोतरी हुई है।
क्या है H1N1?
H1N1 एक प्रकार का Influenza-A वायरस है, जिसे आम बोलचाल में स्वाइन फ्लू कहा जाता है। इसके सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, बदन दर्द और थकान शामिल हैं। गंभीर मामलों में निमोनिया और सांस लेने में परेशानी हो सकती है।
किन लोगों को ज्यादा सावधान रहने की जरूरत?
बच्चों, बुजुर्गों, गर्भवती महिलाओं और पहले से किसी गंभीर बीमारी या कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले लोगों में फ्लू के गंभीर होने का खतरा अधिक हो सकता है। ऐसे लोगों में लक्षण दिखाई देने पर डॉक्टर से समय पर सलाह लेना जरूरी है।
सरकार ने जारी की एडवाइजरी
मामलों में बढ़ोतरी के बीच दिल्ली सरकार ने लोगों से भीड़भाड़ वाली जगहों से बचने, खांसते-छींकते समय सावधानी बरतने और सांस से जुड़ी बीमारी के लक्षण होने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की है।
हालांकि, ICMR ने साफ किया है कि देश में H1N1 का कोई नया स्ट्रेन सामने नहीं आया है। विशेषज्ञों के मुताबिक मौजूदा बढ़ोतरी मौसमी इन्फ्लुएंजा से जुड़ी है और फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है।
जरूरी सावधानी: बुखार, लगातार खांसी, सांस लेने में परेशानी या ऑक्सीजन लेवल गिरने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज न करें और डॉक्टर से संपर्क करें। खुद से एंटीवायरल या एंटीबायोटिक दवा शुरू न करें।