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बीबीएयू में ‘संकट के समय में स्वस्थ मन’ विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन

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बीबीएयू में ‘संकट के समय में स्वस्थ मन’ विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन

लखनऊ: बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय में मानव विकास एवं परिवार अध्ययन विभाग की ओर से ‘संकट के समय में स्वस्थ मन’ विषय पर एकदिवसीय सेमिनार का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की, जबकि मंच पर विशिष्ट अतिथि के रूप में उमराव अस्पताल की क्लीनिकल मनोचिकित्सक डॉ. अल्पना रस्तोगी, मुख्य वक्ता एवं बोधिट्री इंडिया की डायरेक्टर डॉ. नेहा आनंद, गृह विज्ञान विद्यापीठ की संकायाध्यक्ष प्रो. यूवी किरण और विभागाध्यक्ष प्रो. शालिनी अग्रवाल उपस्थित रहीं।कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और बाबासाहेब के छायाचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित करने से हुई। विश्वविद्यालय कुलगीत गायन के पश्चात अतिथियों का स्वागत पौंधा भेंट कर किया गया। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सौम्या तिवारी ने किया।कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन में स्वयं को केंद्र में रखना और दूसरों से अपेक्षाएँ कम रखना खुशहाल जीवन का मूल मंत्र है। उन्होंने सकारात्मक विचारों के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि संतुलित आहार, उचित नींद और स्वस्थ जीवनशैली मानसिक स्थिरता का आधार हैं। उन्होंने पंचकोश सिद्धांत के अनुसार मानव जीवन के पाँच कोश—अन्नमय, प्राणमय, मनोमय, विज्ञानमय और आनंदमय—के संतुलन पर जोर दिया और कहा कि यही समग्र स्वास्थ्य और संतुष्ट जीवन की कुंजी है।विशिष्ट अतिथि डॉ. अल्पना रस्तोगी ने संकट हस्तक्षेप (Crisis Intervention) के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि मानसिक स्वास्थ्य केवल बीमारी से बचाव का साधन नहीं, बल्कि जीवन की गुणवत्ता, उत्पादकता और सामाजिक संबंधों के लिए अनिवार्य है। मानसिक समस्याओं का समाधान सहानुभूति, संवाद और समझ से किया जा सकता है।
मुख्य वक्ता डॉ. नेहा आनंद ने अपने सत्र में बताया कि मस्तिष्क एक सुपर कंप्यूटर की तरह कार्य करता है और सकारात्मक सोच से जीवन में व्यवहारिक परिवर्तन संभव है। उन्होंने तनाव, डिप्रेशन, पेशेवर थकान, अकेलापन और सोशल मीडिया के प्रभाव जैसे आधुनिक मानसिक स्वास्थ्य मुद्दों पर चर्चा की। साथ ही प्रतिभागियों को मानसिक शांति और संतुलन के लिए सरल व्यायाम (mind relaxation exercises) कराए गए।कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर आभार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सुप्रिया श्रीवास्तव ने किया। कार्यक्रम में डीएसडब्ल्यू प्रो. नरेन्द्र कुमार, प्रो. शिखा, डॉ. नीतू सिंह, डॉ. रचना गंगवार, डॉ. माधवी डेनियल, अन्य शिक्षक, शोधार्थी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।यह सेमिनार विद्यार्थियों और शोधार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण मार्गदर्शक साबित हुआ।

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