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Iqra Hasan की भगवा पगड़ी और तालिबान बयान पर सियासी तूफान

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Iqra Hasan की भगवा पगड़ी और तालिबान बयान पर सियासी तूफान
यू पी Live: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में समाजवादी पार्टी की युवा सांसद इकरा हसन एक कार्यक्रम में शामिल हुईं, जहां उन्हें गुर्जर समाज की ओर से भगवा पगड़ी पहनाई गई। इकरा ने उस पगड़ी को पूरे गर्व के साथ पहना और मंच से सरकार पर जमकर हमला बोला। हालांकि, यह दृश्य जहां एक मुस्लिम महिला सांसद भगवा पगड़ी पहने नजर आईं — सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और सियासी हलकों में हलचल मच गई।

 

कार्यक्रम ‘PDA चौपाल’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के मंच से बोलते हुए इकरा ने यूपी की योगी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार को “संविधान की भाषा समझ नहीं आती, इन्हें सिर्फ नफरत की राजनीति आती है।” इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी कह दिया कि “अगर नागरिक अधिकारों को दबाने की यही रफ्तार रही, तो तालिबान जैसी सोच यहाँ भी खतरनाक बन सकती है।” उनके इस बयान ने माहौल और ज्यादा गर्म कर दिया।

इकरा ने ‘I love Muhammad’ टी-शर्ट विवाद का जिक्र करते हुए कहा कि बच्चों को डराकर गिरफ्तार किया जा रहा है, ये वही मानसिकता है जो लोकतंत्र को कमजोर करती है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब देश में अपने पैगंबर से प्यार जताना भी गुनाह है? उन्होंने योगी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार न तो संविधान की इज्जत करती है, न अल्पसंख्यकों के अधिकारों की।

इकरा ने मंच से यह भी कहा कि भगवा पगड़ी सम्मान की प्रतीक है, और उन्होंने यह इसलिए पहनी क्योंकि वह हर धर्म, हर समाज और हर संस्कृति का सम्मान करती हैं। उन्होंने खुद को भारतीय संविधान का असली प्रतिनिधि बताते हुए कहा कि वे न झुकेंगी, न डरेंगी।

उनके इस बयान और भगवा पगड़ी पहनने के वीडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं की बाढ़ आ गई। भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक नौटंकी बताया, वहीं समाजवादी पार्टी ने इकरा के बयान को साहसिक करार दिया और कहा कि बीजेपी को अब अपने कड़वे सच का सामना करना चाहिए।

इस पूरे घटनाक्रम में सोशल मीडिया पर भी बंटा हुआ नजर आया। कुछ लोगों ने इकरा के बयान को मुस्लिम कट्टरता से जोड़ने की कोशिश की, तो कई लोगों ने उनकी धार्मिक सहिष्णुता और संविधान के प्रति प्रतिबद्धता की तारीफ की।

इकरा हसन पहले भी मुस्लिम महिलाओं के हक में खुलकर बोलने के लिए चर्चा में रही हैं। कैराना से सांसद चुनी गईं इकरा ने संसद में कई बार अल्पसंख्यकों के अधिकार और महिला सशक्तिकरण के मुद्दों को मजबूती से उठाया है।

अब देखना ये है कि भगवा पगड़ी पहनने के बाद उनके इस बयान का आने वाले चुनावों में क्या असर होता है। क्या इससे उनका जनाधार बढ़ेगा या यह बयान उनके विरोधियों को नया हथियार दे देगा?

एक बात तय है — इकरा हसन का यह बयान और भगवा पगड़ी का प्रतीकात्मक रूप से स्वीकार करना न सिर्फ सियासत के लिहाज से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह धार्मिक प्रतीकों और राजनीति के रिश्ते को भी नई बहस की ओर ले जा रहा है।

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