
मोहन भागवत बोले- धर्म के लिए लड़ना होगा
लखनऊ; लखनऊ में RSS प्रमुख मोहन भागवत और सीएम योगी ने रविवार को दिव्य गीता प्रेरणा उत्सव में मंच साझा किया। मोहन भागवत ने कहा- हमारा भारत पूरी दुनिया का विश्वगुरु था। दुनिया के लिए एक बड़ा सहारा था। कभी चक्रवर्ती सम्राट भी होते थे। हजारों साल तक आक्रमणकारियों के पैरों तले रौंदा गया। हमें गुलामी में जीना पड़ा। भागवत ने कहा!

धार्मिक स्थलों को नष्ट किया गया। जबरदस्ती धर्मांतरण हुए, लेकिन तब भी भारत था। वह वैभव के दिन नहीं रहे, लेकिन आक्रमण के दिन भी चले गए। अब हम राममंदिर पर झंडा फहराने वाले हैं। हमें धर्म रक्षा के लिए लड़ना है। विश्व में शांति की स्थापना गीता के माध्यम से ही की जा सकती है।

इससे पहले मोहन भागवत और सीएम योगी ने दीप जलाकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। मोहन भागवत और सीएम ने श्रीमद् भागवत गीता की भी पूजा की। ज्ञानानंद महाराज ने दोनों को गीता की एक-एक प्रति भेंट की। इसके बाद राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् गाया गया।
जनेश्वर मिश्र पार्क में पहली बार यह कार्यक्रम हो रहा है। इसे संत ज्ञानानंद की संस्था ‘जीओ गीता परिवार’ की तरफ से करवाया जा रहा है। संस्था का उद्देश्य है कि हर व्यक्ति न सिर्फ गीता को पढ़े, बल्कि उसे समझे और जीवन में उतारे।

मोहन भागवत की कही 3 बड़ी बातें-
1- जैसे अर्जुन मोहग्रस्त हो गए थे, वैसे ही आज दुनिया हुई मोहन भागवत ने राजा जनक की कहानी सुनाई। इसके जरिए बताया कि परिस्थितियां आती-जाती रहती हैं, लेकिन हम बने रहते हैं। RSS प्रमुख ने कहा- जैसे महाभारत में अर्जुन मोहग्रस्त हो गए थे, वैसे ही दुनिया आज हो गई है। अगर पुरुषार्थ मजबूत है, तो भाग्य भी साथ देता है। धर्म धारण करने वाला होना चाहिए।
भारत ने कभी भी नहीं कहा कि हमारी ही उपासना विधि सबसे अधिक श्रेष्ठ है। हमने सब कुछ होते हुए भी कभी भी अपनी श्रेष्ठता का डंका नहीं पीटा। सनातन धर्म की यही परंपरा रही है। हमारे सामने जो भी आया, उसकी मदद की। कोई परेशानी में रहा तो उसे छांव दी। यही हमारे धर्म की श्रेष्ठता है। श्रीमद् भगवद्गीता भारत की प्रेरणा है। भारत में धर्म जीने की व्यवस्था है।