
SGPGI लखनऊ में चिकित्सा का चमत्कार: 23 वर्षीय युवक के दिमाग से निकाला गया सवा किलो का विशाल ट्यूमर
लखनऊ स्थित संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्विज्ञान संस्थान (SGPGI) ने न्यूरोसर्जरी के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की है। संस्थान के न्यूरो विभाग ने बिहार से आए 23 वर्षीय युवक नितेश कुमार के मस्तिष्क से सवा किलो (लगभग 1.25 किलोग्राम) वजनी विशाल ट्यूमर को सफलतापूर्वक ऑपरेशन कर बाहर निकाल दिया। यह जटिल सर्जरी चिकित्सा विज्ञान की उन्नत क्षमताओं और विशेषज्ञता का उत्कृष्ट उदाहरण मानी जा रही है।
बेहद चुनौतीपूर्ण था मामला
नितेश कुमार लंबे समय से इस विशालकाय ट्यूमर से पीड़ित था। ट्यूमर का आकार इतना अधिक बढ़ चुका था कि उसका उभार ललाट और आंखों के बाहर तक स्पष्ट दिखाई देने लगा था। इस कारण युवक को शारीरिक के साथ-साथ मानसिक और सामाजिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा था।
सर्जरी से पहले की गई विशेष तैयारी
न्यूरो विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि इतने बड़े ट्यूमर को निकालना अत्यंत जोखिमपूर्ण और चुनौतीपूर्ण था। ऑपरेशन से पहले न्यूरोइंटरवेंशनिस्ट डॉ. विवेक और डॉ. सूर्यकांत ने विशेष इंटरवेंशन प्रक्रिया के जरिए ट्यूमर में रक्त प्रवाह को नियंत्रित किया, जिससे सर्जरी को सुरक्षित रूप से अंजाम दिया जा सके।
विशेषज्ञों की टीम ने किया कमाल
इस जटिल ऑपरेशन का नेतृत्व प्रोफेसर डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने किया। टीम में प्रो. कुंतल कांति दास, डॉ. स्वरजीत, सिस्टर वंदना, हेड एंड नेक सर्जन प्रो. अमित केसरी, प्लास्टिक सर्जरी विभाग की डॉ. अनुपमा तथा एनेस्थीसिया टीम से डॉ. निधि शामिल रहीं। सभी विशेषज्ञों के समन्वित प्रयास से सर्जरी को सफल बनाया गया।
SGPGI की उच्च स्तरीय चिकित्सा क्षमता का प्रमाण
डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने कहा कि इतनी बड़ी मात्रा में ट्यूमर को सुरक्षित रूप से निकालना SGPGI लखनऊ की उन्नत तकनीक, अनुभवी डॉक्टरों और बहुविषयक सहयोग की क्षमता को दर्शाता है। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज नितेश कुमार की स्थिति स्थिर है और वह पहले से बेहतर महसूस कर रहा है।
संस्थान प्रशासन ने इस उपलब्धि को युवा चिकित्सकों के लिए प्रेरणादायक बताते हुए पूरी मेडिकल टीम की सराहना की है। यह सफलता एक बार फिर SGPGI को देश के प्रमुख सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा संस्थानों में अग्रणी साबित करती है।