
सिद्धार्थनगर: बुद्ध विद्यापीठ पीजी कॉलेज में परीक्षा के दौरान बवाल, प्राचार्य और निवर्तमान प्रबंधक आमने-सामने
सिद्धार्थनगर: बुद्ध विद्यापीठ पीजी कॉलेज में परीक्षा के दौरान बवाल, प्राचार्य और निवर्तमान प्रबंधक आमने-सामने
उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जनपद स्थित प्रतिष्ठित बुद्ध विद्यापीठ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में मंगलवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब विश्वविद्यालय परीक्षाओं के दौरान निवर्तमान प्रबंधक और वर्तमान प्राचार्य के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्षों ने सदर थाने पहुंचकर एक-दूसरे के खिलाफ जान से मारने की धमकी देने की तहरीर दी।
परीक्षा के बीच गलियारे में हुआ विवाद
घटना दोपहर लगभग 12 बजे की बताई जा रही है। कॉलेज में परीक्षा शांतिपूर्वक चल रही थी, तभी कॉलेज के गलियारे में प्राचार्य और निवर्तमान प्रबंधक के बीच कहासुनी शुरू हो गई। विवाद की गंभीरता को देखते हुए कॉलेज प्रशासन ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। परीक्षा प्रभावित न हो, इसके लिए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया।
प्राचार्य का आरोप: सरकारी कार्य में बाधा और धमकी
कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अभय कुमार श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि निवर्तमान प्रबंधक राजेश चंद्र शर्मा बिना किसी अधिकार के कॉलेज परिसर में पहुंचे और सरकारी कार्य में बाधा डाली। उनके अनुसार, आरटीआई से संबंधित एक जवाब को लेकर प्रबंधक नाराज थे और इसी बात पर धक्का-मुक्की की गई।
प्राचार्य का कहना है कि उन्हें “बाहरी व्यक्ति” कहकर अपमानित किया गया और जान से मारने की धमकी भी दी गई।
निवर्तमान प्रबंधक का पलटवार
वहीं निवर्तमान प्रबंधक राजेश चंद्र शर्मा ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आ रही थीं। उन्होंने विधान परिषद सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी द्वारा कॉलेज को दिए गए धन के उपयोग का विवरण मांगा था।
उनके मुताबिक, इसी बात से नाराज होकर प्राचार्य ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और कॉलेज आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
पुलिस जांच में जुटी
क्षेत्राधिकारी सदर विश्वजीत शौर्य और थानाध्यक्ष सिद्धार्थनगर दुर्गा प्रसाद ने बताया कि दोनों पक्षों से तहरीर प्राप्त हो चुकी है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल कॉलेज परिसर में अतिरिक्त पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि शेष परीक्षाएं शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई जा सकें।
