
ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने वायरल वीडियो प्रकरण का लिया संज्ञान, जांच के बाद कड़ी कार्रवाई के निर्देश
ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने वायरल वीडियो प्रकरण का लिया संज्ञान, जांच के बाद कड़ी कार्रवाई के निर्देश
HIGHLIGHTS
अवैध धन मांगने की वार्ता सामने आने पर संविदाकर्मी बर्खास्त, संबंधित अधिकारी को चार्जशीट
लखनऊ, 08 मार्च 2026: विद्युत चोरी के एक प्रकरण में अवैध धन की मांग से संबंधित वीडियो वायरल होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने संज्ञान लिया और अधीक्षण अभियंता को पूरे मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
Letter no 4168 Dated 07-03-2026
प्राप्त जानकारी के अनुसार दिनांक 11.02.2026 को समय 2:40 से 2:50 बजे अपरान्ह के बीच सूचना मिलने पर जनपद मऊ के ग्राम रकौली में विद्युत विभाग की टीम द्वारा चेकिंग की गई। चेकिंग के दौरान श्री फेकू यादव को बिना किसी स्वीकृत विद्युत संयोजन के निजी नलकूप संचालित करते हुए पाया गया। इस पर विभाग द्वारा कार्रवाई करते हुए दिनांक 12.02.2026 को समय 12:02 बजे एंटी पावर थेफ्ट थाना में उनके विरुद्ध विद्युत चोरी का मुकदमा पंजीकृत कराया गया।
इसके बाद दिनांक 13.02.2026 को फेकू यादव पुत्र निफीकिर यादव, ग्राम रकौली द्वारा उसी गांव के निवासी संविदाकर्मी लाइनमैन यशवंत कुमार उर्फ टुनटुन के घर जाकर वार्ता की गई, जिसकी रिकॉर्डिंग बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुई। वायरल वीडियो में कथित रूप से लेनदेन की बात सामने आने के बाद ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने मामले की जांच कराने के निर्देश दिए।

मंत्री श्री शर्मा के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता द्वारा कराई गई जांच में यह पाया गया कि उक्त प्रकरण में विद्युत वितरण खंड मऊ के अंतर्गत 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र कोटवां से जुड़े मामले में विभाग द्वारा 24 घंटे के भीतर ही एंटी पावर थेफ्ट थाना में एफआईआर दर्ज कराई गई थी। हालांकि प्रकरण में नियंत्रण में शिथिलता पाए जाने पर संबंधित अवर अभियंता को चार्जशीट जारी की जा रही है।वहीं संविदाकर्मी श्री यशवंत कुमार द्वारा लेनदेन संबंधी वार्ता के कारण विभाग की छवि धूमिल होने के चलते उन्हें तत्काल प्रभाव से सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है।

ऊर्जा मंत्री श्री ए.के. शर्मा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विद्युत चोरी, भ्रष्टाचार या अवैध वसूली जैसे मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या संलिप्तता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के विरुद्ध कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।