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अमेरिका छोड़ भागा खाड़ी देशो को अकेला

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अमेरिका छोड़ भागा खाड़ी देशो को अकेला

IRAN-US WAR:इस समय जो हालात बन रहे हैं, वो बहुत ही गंभीर और समझने वाले हैं। बात सीधी-सी है — अमेरिका और ईरान के बीच जो टकराव चल रहा था, उसमें अब एक बड़ा मोड़ आता दिख रहा है। खबरों के मुताबिक Donald Trump ने साफ संकेत दे दिया है कि अमेरिका अब इस जंग से धीरे-धीरे बाहर निकलना चाहता है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई अब ज्यादा लंबी नहीं चलेगी और शायद कुछ ही हफ्तों में खत्म हो सकती है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली बात ये रही कि उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया — अमेरिका का काम नहीं है कि वो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को खोलकर दे। जिसे तेल चाहिए, वो खुद जाकर रास्ता खोले और अपना इंतजाम करे।

अब समझने वाली बात ये है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ दुनिया का सबसे अहम तेल रास्ता है, जहां से करीब 20% दुनिया का तेल गुजरता है। लेकिन अभी हालात ऐसे हैं कि ईरान ने इस रास्ते पर अपना कंट्रोल मजबूत कर लिया है और जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है। ऐसे में पूरी दुनिया में तेल की सप्लाई पर असर पड़ा है और कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।

अब ट्रंप का कहना क्या है? उनका सीधा मैसेज ये है कि अमेरिका ने अपना काम कर दिया — उसने ईरान को कमजोर किया, बड़े-बड़े हमले किए, लेकिन अब वो हमेशा के लिए वहां फंसा नहीं रहना चाहता। उन्होंने यूरोप जैसे देशों पर भी तंज कसा और कहा कि अगर उन्हें तेल चाहिए, तो वो खुद जाकर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ से लेकर आएं, अमेरिका हर बार उनकी मदद नहीं करेगा।

यानी साफ है कि अमेरिका अब “पुलिस” की भूमिका से पीछे हटने का संकेत दे रहा है। पहले जहां अमेरिका खुद आगे बढ़कर समुद्री रास्तों को सुरक्षित करता था, अब वो जिम्मेदारी दूसरों पर डाल रहा है।

ट्रंप ने ये भी कहा कि जैसे ही अमेरिका इस जंग से बाहर निकलेगा, हालात अपने आप ठीक हो जाएंगे और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ भी अपने आप खुल सकता है। लेकिन एक्सपर्ट्स इस बात से पूरी तरह सहमत नहीं हैं, क्योंकि अगर ईरान ने अपना कंट्रोल नहीं छोड़ा, तो रास्ता खुलना इतना आसान नहीं होगा।

अब यहां एक और बड़ी बात समझो — अमेरिका ने अपने सहयोगी देशों से भी कहा था कि वे इस रास्ते को खोलने में मदद करें, लेकिन कई देशों ने साफ मना कर दिया। इससे ट्रंप और ज्यादा नाराज हो गए और उन्होंने कहा कि अब हर देश अपने-अपने हित खुद संभाले।

पूरी स्थिति को आसान भाषा में समझें तो —
👉 अमेरिका लड़ाई से निकलने की तैयारी में है
👉 होर्मुज़ खोलने की जिम्मेदारी लेने से मना कर रहा है
👉 दूसरे देशों से कह रहा है “खुद जाओ और तेल लाओ”
👉 और दुनिया को एक तरह से अपने हाल पर छोड़ रहा है
अब इसका असर क्या होगा?
अगर अमेरिका सच में पीछे हट जाता है और कोई दूसरा देश आगे नहीं आता, तो हो सकता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ लंबे समय तक बंद या असुरक्षित बना रहे। इससे तेल महंगा रहेगा, महंगाई बढ़ेगी और दुनिया की इकॉनमी पर सीधा असर पड़ेगा।
तो कुल मिलाकर, जो बात कही गई है वो ये है कि अमेरिका अब इस जंग में ज्यादा देर तक नहीं रुकना चाहता, और उसने साफ कर दिया है कि हर देश को अपने तेल और अपने हितों की रक्षा खुद करनी होगी। अब आगे क्या होगा — ये पूरी तरह इस बात पर निर्भर करेगा कि बाकी देश क्या कदम उठाते हैं और ईरान क्या रुख अपनाता है।

 

 

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