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अखिलेश सिफारिश नहीं, सर्वे से चुनेंगे जिताऊ कैंडिडेट: रिटायर्ड IAS को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

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अखिलेश सिफारिश नहीं, सर्वे से चुनेंगे जिताऊ कैंडिडेट: रिटायर्ड IAS को सौंपी बड़ी जिम्मेदारी

UTTAR PRADESH LIVE: उत्तर प्रदेश में आगामी चुनावों को लेकर समाजवादी पार्टी ने अपनी रणनीति तेज कर दी है। पार्टी अध्यक्ष Akhilesh Yadav ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि इस बार टिकट वितरण में सिफारिश या व्यक्तिगत दबाव नहीं, बल्कि जमीनी सर्वे को प्राथमिकता दी जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, पार्टी ने संभावित उम्मीदवारों की जीत की संभावना का आकलन करने के लिए एक रिटायर्ड आईएएस अधिकारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। यह अधिकारी विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में सर्वेक्षण और फीडबैक के आधार पर रिपोर्ट तैयार करेंगे। रिपोर्ट में उम्मीदवार की लोकप्रियता, संगठन पर पकड़, स्थानीय मुद्दों पर सक्रियता और जनता के बीच स्वीकार्यता जैसे पहलुओं को शामिल किया जाएगा।

पार्टी नेतृत्व का मानना है कि केवल उन्हीं नेताओं को टिकट दिया जाएगा जिनकी जीत की संभावना मजबूत होगी। इसके लिए अलग-अलग स्तरों पर फीडबैक जुटाया जाएगा और सर्वे रिपोर्ट के आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

समाजवादी पार्टी का यह कदम संगठन को मजबूत करने और चुनावी मुकाबले में बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। पार्टी के अंदर भी यह संदेश देने की कोशिश है कि टिकट वितरण में पारदर्शिता रखी जाएगी और कार्यकर्ताओं की मेहनत को महत्व मिलेगा

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सर्वे आधारित टिकट वितरण से स्थानीय स्तर पर असंतोष कम हो सकता है और पार्टी को मजबूत उम्मीदवार चुनने में मदद मिलेगी। ऐसे में आने वाले चुनावों से पहले सपा की यह नई रणनीति राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है।

यूपी में समाजवादी पार्टी 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले संभावित कैंडिडेट्स का सर्वे करवा रही है। टिकट के दावेदार जमीन पर कितने मजबूत हैं, इसको 2 तरह से जांचा जा रहा है।

  • पहला- प्राइवेट एजेंसी से सर्वे करवाकर।
  • दूसरा- लोकल लीडर के फीडबैक के आधार पर।

सर्वे की मॉनिटरिंग खुद अखिलेश यादव कर रहे हैं। पार्टी सूत्रों का दावा है कि इस बार टिकट वितरण में सर्वे और फीडबैक को प्राथमिकता दी जाएगी। सिफारिशें नहीं चलेंगी। सपा उन्हीं चेहरों को मैदान में उतारेगी, जिनका अपने क्षेत्र में मजबूत जनाधार होगा। छवि बेदाग होगी और वो जिताऊ कैंडिडेट होंगे।

सर्वे टीम की कमान रिटायर्ड आईएएस आलोक रंजन संभाल रहे हैं। उन्होंने अपनी रिपोर्ट में कांग्रेस को 70 से 75 सीटें देने का सुझाव दिया है।

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