
यूपी में महंगी नहीं होगी बिजली? 10% फ्यूल सरचार्ज पर आयोग ने UPPCL से मांगा जवाब
लखनऊ LIVE: उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को राहत मिल सकती है। बिजली दरों में संभावित बढ़ोतरी को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग (UPERC) ने बिजली कंपनियों द्वारा प्रस्तावित 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज के मामले में उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) से विस्तृत जवाब तलब किया है।
दरअसल, बिजली वितरण कंपनियों ने बढ़ती ईंधन लागत और बिजली खरीद पर अतिरिक्त खर्च का हवाला देते हुए उपभोक्ताओं पर 10 फीसदी फ्यूल सरचार्ज लगाने का प्रस्ताव रखा था। इस प्रस्ताव के सामने आने के बाद उपभोक्ता संगठनों और विभिन्न सामाजिक समूहों ने इसका विरोध किया, जिसके बाद मामला नियामक आयोग के पास पहुंचा।
आयोग ने UPPCL से पूछा है कि फ्यूल सरचार्ज लगाने की आवश्यकता किन परिस्थितियों में पैदा हुई और इसका उपभोक्ताओं पर कितना वित्तीय बोझ पड़ेगा। साथ ही आयोग ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि बिजली खरीद लागत में हुई बढ़ोतरी का पूरा विवरण प्रस्तुत किया जाए।

उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे लोगों पर अतिरिक्त बिजली शुल्क का बोझ डालना उचित नहीं होगा। उनका तर्क है कि बिजली कंपनियों को अपने प्रबंधन और वितरण व्यवस्था में सुधार कर नुकसान कम करना चाहिए, न कि उसका भार सीधे उपभोक्ताओं पर डालना चाहिए।
वहीं, ऊर्जा क्षेत्र के जानकारों का मानना है कि आयोग की सख्ती से फिलहाल फ्यूल सरचार्ज लागू होने की संभावना कम नजर आ रही है। जब तक UPPCL संतोषजनक जवाब नहीं देता और आयोग अंतिम निर्णय नहीं लेता, तब तक उपभोक्ताओं को अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा।
अब सभी की निगाहें आयोग की अगली सुनवाई और UPPCL के जवाब पर टिकी हैं। यदि आयोग प्रस्ताव को मंजूरी देता है तो प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर असर पड़ सकता है, जबकि प्रस्ताव खारिज होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलेगी।