
ऊर्जा मंत्री श्री ए. के. शर्मा ने मऊ में 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का किया शिलान्यास
HIGHLIGHT
530 लाख रुपये की लागत से बनेगा उपकेंद्र, लगभग 4,000 उपभोक्ताओं को मिलेगी बेहतर एवं निर्बाध विद्युत आपूर्ति
विद्युत अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण से लो-वोल्टेज, ओवरलोडिंग और फॉल्ट की समस्याओं में आएगी कमी : ए. के. शर्मा
लखनऊ, 9 जुलाई 2026: उत्तर प्रदेश सरकार के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री श्री ए. के. शर्मा ने बुधवार को मऊ जनपद के बंधा रोड स्थित प्रस्तावित 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र का वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भूमि पूजन कर शिलान्यास किया।
इसके साथ ही बहुउद्देशीय भवन मंगलम में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि मा. प्रधानमंत्री जी के मार्गदर्शन और मा. मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में प्रदेश सरकार विद्युत क्षेत्र को आधुनिक, सुदृढ़ और उपभोक्ता-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। प्रदेश के प्रत्येक नागरिक को गुणवत्तापूर्ण, निर्बाध एवं विश्वसनीय विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
ऊर्जा मंत्री श्री शर्मा ने कहा कि बिजली केवल एक सुविधा नहीं, बल्कि प्रदेश के आर्थिक विकास, उद्योग, व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और आम जनजीवन की आधारशिला है। इसी उद्देश्य से पूरे प्रदेश में विद्युत उत्पादन, पारेषण और वितरण व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है, ताकि प्रत्येक उपभोक्ता तक बेहतर गुणवत्ता की बिजली समयबद्ध और निर्बाध रूप से पहुंच सके।उन्होंने बताया कि लगभग 530 लाख रुपए की लागत से निर्मित होने वाले इस 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र की क्षमता 5+5 एमवीए होगी। इसके अंतर्गत चार नए 11 केवी फीडरों का निर्माण किया जाएगा, जिससे वर्तमान विद्युत उपकेंद्रों पर पड़ने वाला अतिरिक्त भार कम होगा तथा क्षेत्र की विद्युत वितरण व्यवस्था अधिक संतुलित और प्रभावी बनेगी।
श्री शर्मा ने बताया कि इस उपकेंद्र के स्थापित होने से पटन टोला, व्यारी टोला, संस्कृत पाठशाला, हरिकेशपुरा, सदर चौक, मलिक टोला, हट्टी मदारी, औरंगाबाद, हनुमान घाट, आफिसर्स कॉलोनी, रेलवे क्वार्टर, गायघाट, खालसा, ख्वाजाजहांपुर तथा कागजीवनचक सहित अनेक क्षेत्रों के लगभग 4,000 उपभोक्ताओं को सीधा लाभ मिलेगा। इन क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होगा तथा उपभोक्ताओं को अधिक स्थिर और निर्बाध विद्युत आपूर्ति उपलब्ध होगी।

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि नए उपकेंद्र के संचालन से 11 केवी लाइनों की लंबाई कम होगी, जिससे तकनीकी हानियों और फॉल्ट की घटनाओं में कमी आएगी। साथ ही ओवरलोडिंग की समस्या कम होगी, लो-वोल्टेज से राहत मिलेगी तथा बार-बार विद्युत बाधित होने जैसी समस्याओं का प्रभावी समाधान सुनिश्चित होगा। इससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा मिलने के साथ-साथ विद्युत वितरण प्रणाली की कार्यक्षमता भी बढ़ेगी।
मंत्री जी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपकेंद्र का निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता मानकों के अनुरूप पूर्ण किया जाए, ताकि क्षेत्र की जनता को जल्द से जल्द इसका लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि सरकार विद्युत सेवाओं में निरंतर सुधार के लिए प्रतिबद्ध है और प्रदेशभर में आवश्यकतानुसार नए विद्युत उपकेंद्रों, लाइनों तथा अन्य आधारभूत संरचनाओं का विस्तार किया जा रहा है।
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार एवं विधि-विधान के साथ भूमि पूजन से हुआ। इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों, विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों सहित बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।