
खामेनेई के जनाज़े पर युद्ध का साया
TEHRAN Live: ईरान से इस वक्त बड़ी खबर सामने आ रही है। पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के जनाज़े में लाखों लोग शामिल हो रहे हैं। इसी बीच अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर नए हवाई हमले किए हैं, जबकि ईरान ने इसे शांति और अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ कदम बताया है। सोशल मीडिया पर कई तरह के दावे किए जा रहे हैं कि जनाज़े के दौरान नागरिकों पर हमला हुआ, लेकिन अभी तक ऐसी किसी घटना की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में आइए जानते हैं कि ज़मीनी हकीकत क्या है।

ईरान के अलग-अलग शहरों में खामेनेई के अंतिम संस्कार और श्रद्धांजलि कार्यक्रम जारी हैं। बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरकर उन्हें अंतिम विदाई दे रहे हैं। इराक के नजफ़ और कर्बला में भी जनाज़े से जुड़े धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां हजारों लोगों की मौजूदगी देखी गई। सुरक्षा व्यवस्था बेहद कड़ी रखी गई है क्योंकि पूरे क्षेत्र में पहले से तनाव बना हुआ है।
इसी बीच अमेरिका ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य के आसपास बढ़े तनाव का हवाला देते हुए ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर हवाई कार्रवाई की। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम समुद्री सुरक्षा और अपने हितों की रक्षा के लिए उठाया गया। दूसरी ओर ईरान ने इस कार्रवाई की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह क्षेत्र में शांति बहाल करने के प्रयासों को नुकसान पहुंचाएगी। दोनों देशों के बीच बयानबाज़ी लगातार तेज होती जा रही है।
सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट वायरल हो रहे हैं जिनमें दावा किया जा रहा है कि खामेनेई के जनाज़े के दौरान नागरिकों पर हमला हुआ। हालांकि, अब तक किसी विश्वसनीय अंतरराष्ट्रीय समाचार एजेंसी ने जनाज़े की भीड़ पर सीधे हमले की पुष्टि नहीं की है। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार अंतिम संस्कार के दौरान सुरक्षा बढ़ाई गई थी और पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति के कारण तनाव जरूर बना रहा, लेकिन वायरल दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए ऐसे दावों को बिना सत्यापन के सच मानना उचित नहीं होगा।
मध्य पूर्व की मौजूदा स्थिति बेहद संवेदनशील है। एक तरफ शोक और धार्मिक कार्यक्रम चल रहे हैं, तो दूसरी तरफ अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। इसका असर वैश्विक तेल बाज़ार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। दुनिया के कई देश दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के ज़रिए समाधान निकालने की अपील कर रहे हैं।